Vigilance raid: घूस का पैसा वसूलने के लिए संजय वेतन पर रखा था प्राइवेट इंजीनियर, छापेमारी में खुला राज

इंजीनियर संजय कुमार खुद घूस का पैसा नहीं वसूला करता था. सूत्रों का कहना था इसके लिए उसने 30 हजार रुपए के वेतन पर एक प्राइवेट इंजीनियर को रखे हुए था. लेकिन, उससे पहले अपना काम करवाने के लिए ठेकेदारों को दो और लोगों के पास से गुजरना पड़ता था.
राजेश कुमार ओझा
इंजीनियर संजय कुमार और उसके साथी के घर हुई छापेमारी में निगरानी विभाग को 5 करोड़ 37 लाख रुपए मिले हैं.इसमें तीन करोड़ रुपया उसके दलाल प्राइवेट इंजीनियर ओम प्रकाश राय के पास से मिले हैं. निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी की सूचना मिलते ही ओम प्रकाश अपने लोगों की मदद से सारा पैसा हटाना शुरु कर दिया था. लेकिन, इसकी भनक लगते ही निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बैग में पैसा लेकर भाग रहे व्यक्ति को खदेड़ कर उसके पास से 80 लाख रुपए जब्त कर लिए हैं.
निगरानी विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग का इंजीनियर संजय कुमार खुद घूस का पैसा नहीं वसूला करता था. सूत्रों का कहना था इसके लिए उसने 30 हजार रुपए के वेतन पर एक प्राइवेट इंजीनियर को रखे हुए था. लेकिन, उससे पहले अपना काम करवाने के लिए ठेकेदारों को दो और लोगों के पास से गुजरना पड़ता था. निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट इंजीनियर किसी भी ठेकेदार से सबसे बाद में बात करता था.सबसे पहले ठेकेदार को पर्सनल सहायक से मिलना होता था. उनके पास से ओके होने के बाद ठेकेदार कैशियर से मिलते थे. यहां पर बात पूरी पक्की होने पर कैशियर और पर्सनल सहायक के साथ ठेकेदार प्राइवेट इंजीनियर से मिलता था और घूस की तय राशि उनको देता था. कैशियर और पर्सनल सहायक को घूस में मिलने वाली राशि का प्रतिशत के अतिरिक्त संजय अपना घूस का पैसा रखने के लिए भी पैसा दिया करता था. निगरानी विभाग ने इसी कारण संजय के साथ- साथ, प्राइवेट इंजीनियर, कैशियर और पर्सनल सहायक के घर पर भी छापेमारी की. निगरानी विभाग को इंजीनियर के घर से ज्यादा इनके पास से पैसा मिले हैं. इसमें सबसे ज्यादा पैसा प्राइवेट इंजीनियर ओम प्रकाश राय के पास से करीब तीन करोड़ मिले हैं.
विजिलेंस के डीएसपी सुजीत सागर ने बताया कि संजय कुमार राय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज करने के बाद एक साथ छापा मारा गया है.शनिवार सुबह सात बजे से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. निगरानी विभाग के सूत्रों का कहना है कि इंजीनियर ने बिछावन,रैक और किताबों तक में पैसे छिपा रखे थे.बरामद नोटों का ऐसा पहाड़ बन गया था कि गिनने के लिए चार मशीनों को मंगानी पड़ी. फिलहाल बैंक स्टेटमेंट और लॉकर को भी चेक किया जा रहा है.संजय कुमार राय के पटना और किशनगंज आवास समेत पांच ठिकानों पर एक साथ यह छापेमारी की गयी.राय के पटना पटना स्थित आवास बंसत कॉलोनी गोला रोड और दुल्हिन बाजार के घर पर छापेमारी में करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद किये गये हैं.पटना निगरानी विभाग की 13 सदस्यीय टीम ने संजय कुमार राय के रूईधासा स्थित आवास, लाइन मोहल्ला स्थित उनके निजी सहायक ओमप्रकाश के आवास और कैशियर खुर्रम सुल्तान के आवास में छापेमारी की. विभाग के कैशियर खुर्रम सुल्तान के आवास पर छापेमारी में दस लाख रुपये मिले. निगरानी विभाग पटना ने 26-08-2022 को निगरानी थाना में कांड संख्या 43/22 दर्ज किया था.
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