सूने पड़े वैशाली के पर्यटन स्थल
Author : Shaurya Punj Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Mar 2020 12:01 AM
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कई ऐतिहासिक पलों को अपने दामन में समेटे खड़ी लोकतंत्र की जननी वैशाली आदिकाल से ही देश-दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती रही है.
वैशाली : कई ऐतिहासिक पलों को अपने दामन में समेटे खड़ी लोकतंत्र की जननी वैशाली आदिकाल से ही देश-दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती रही है. भगवान महावीर की जन्मभूमि व भगवान बुद्ध की कर्मभूमि वैशाली देश-दुनिया के जैन व बौद्ध धर्मावलंबियों के आस्था का प्रमुख केंद्र है. वैशाली की धरती सालों भर देसी-विदेशी सैलानियों से गुलजार रहा करती थी. विश्व शांति स्तूप, रैलिक स्तूप, अभिषेक पुष्करिणी आदि कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं, जहां रोजाना सैकड़ों सैलानी आते हैं.
मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत भी यहां रोजाना विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों बच्चे वैशाली के इतिहास से रूबरू होने पहुंचते थे. लेकिन इन दिनों यहां की तस्वीर बदली-बदली सी दिख रही है. वैशाली की बदली-बदली सी दिख रही इस तस्वीर का कारण, पूरी दुनिया को आतंकित करने वाले कोरोना वायरस का डर है. कोरोना वायरस के डर की वजह से देसी-विदेशी सैलानी यहां नहीं आ पा रहे हैं. कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट सरकार ने भी कई देशों के यात्रियों के आने पर रोक लगा रखी है.
कम आ रहे सैलानी : वैसे तो सालों भर देसी-विदेशी सैलानियों का वैशाली आना-जाना लगा रहता है, लेकिन अक्तूबर से मार्च महीने तक सैलानियों की भीड़ काफी ज्यादा बढ़ जाती है. सहायक पुरातत्वविद् विक्रम झा के अनुसार मार्च महीने के बाद सैलानियों का आना थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के डर की वजह से फरवरी महीने से सैलानियों का आना काफी कम हो गया है.
हर ओर दिख रहा कोरोना का असर : वैशाली दुनिया भर के बौद्ध व जैन धर्मावलंबियों के आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां बड़ी संख्या में विभिन्न देशों के बौद्ध व जैन धर्मावलंबी भगवान महावीर और भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना करने के लिए आते रहते हैं. लेकिन कोरोना वायरस के डर की वजह से इनका आना भी यहां कम हो गया है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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