सेतु पर जाम का कहर

Updated at : 21 May 2017 3:46 AM (IST)
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सेतु पर जाम का कहर

कुव्यवस्था. चालक उड़ा रहे िनयमों की धज्जी हाजीपुर : उत्तर बिहार की लाइफ लाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु पर शनिवार को जाम के कारण सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे. भीषण गरमी और चिलचिलाती धूप में वाहनों पर बैठे लोग काफी परेशान दिखे. खासकर महिलाएं और बच्चे पानी के लिए बिलबिलाते नजर आये. जाम […]

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कुव्यवस्था. चालक उड़ा रहे िनयमों की धज्जी

हाजीपुर : उत्तर बिहार की लाइफ लाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु पर शनिवार को जाम के कारण सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे. भीषण गरमी और चिलचिलाती धूप में वाहनों पर बैठे लोग काफी परेशान दिखे. खासकर महिलाएं और बच्चे पानी के लिए बिलबिलाते नजर आये. जाम का मुख्य कारण सेतु के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर निर्माण कार्य के लिए वन वे ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की तैनाती नहीं होने से बेलगाम वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है.
सेतु पर हाल के दिनों में जाम लगने का सिलसिला लगातार जारी है. दिन में तो कमोबेश रुक-रुक कर वाहन निकल भी जाते हैं, लेकिन शाम ढलते ही सेतु पर जाम की स्थिति इस तरह भयावह हो जा रही है कि चरपहिया वाहन की बात तो छोड़ दें, बाइक चालक भी आगे नहीं निकल पाते हैं. खासकर जब दो बड़े वाहन किसी लेने में आसपास खड़े हो जाते हैं, उस समय दोनों वाहनों के बीच से बाइक निकलना मुश्किल ही नहीं बल्कि खतरे से खाली नहीं होता है.
इस बीच मौका मिलते ही बाइक चालक सेतु के फुटपाथ से जान जोखिम में डाल कर बाइक लेकर निकल पाते हैं.
होमगार्डों की हड़ताल के कारण जाम बना नासूर : महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों को लेन में चलाने के लिए कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गयी थी. तैनात पुलिसकर्मी में ज्यादातर होमगार्ड के जवान पदस्थापित रहते थे. पर अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर लगभग दो माह से होमगार्ड के जवान हड़ताल पर है, जिसके कारण सेतु पर दूर-दूर तक पुलिस के जवान नजर नहीं आते. पुलिस की तैनाती नहीं होने से वाहन चालक निर्धारित लेन को तोड़कर जैसे-तैसे आगे निकलने की होड़ में लगे रहते हैं.
खासकर अंधेरा होते ही सेतु पर बेलगाम वाहन चालकों की मनमानी शुरू हो जाती है. बायीं लेन में माल वाहक और दायीं लेन से पैसेंजर वाहनों को सेतु से गुजरने के लिए प्रशासन द्वारा निर्देश दिया गया है. प्रशासनिक लचर व्यवस्था के कारण माल वाहक पिकअप वैन और ट्रक चालक लेन बदल कर दायीं लेन से आगे निकलने का प्रयास करते हैं. इस क्रम में माल वाहक वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से पीछे से आनेवाले निजी वाहन को रुकना पड़ता है. नतीजतन सेतु पर जाम लग जाता है और लोगों को घंटों जाम टूटने का इंतजार करना पड़ता है.
वन वे ट्रैफिक व्यवस्था के कारण लगता है जाम : महात्मा गांधी सेतु के पटना छोर पर पाया संख्या 39 से लेकर 46 तक वन-वे-ट्रैफिंग व्यवस्था है. इन आठ पायों के बीच पश्चिमी लेन पर काफी दिनों से से मरम्मती का काम चल रहा है. पूर्वी लेन से ही वाहनों की आवाजाही करायी जाती है. हाजीपुर से पटना जाने वाले वाहनों को बायीं तरफ से जबकि हाजीपुर आने वाले वाहनों को दायीं तरफ से निकाला जाता है. जिसके कारण पाया संख्या 39 के समीप हाजीपुर से बायीं लेन में जाने वाले माल वाहक वाहनों को जब निकाला जाता है,
तब दायीं लेन से आने वाले पैसेंजर वाहनों को रोकना पड़ता है. इसी प्रकार पैसेंजर वाहनों को निकालने के दौरान माल वाहक वाहनों को रोक दिया जाता है. जिसके कारण सेतु पर जाम लग जाता है. इधर, सेतु के उत्तरी छोर पर पाया संख्या एक से लेकर आठ के बीच बैरिकेडिंग का काम शुरू है. निर्माण सामग्री पूर्वी लेन पर दायीं तरफ रखी गयी है, जिसके कारण दायीं लेन से चल रहे पैसेंजर वाहनों के चालकों को बायीं लेन से गुजरना विवशता हो गयी है. इन आठ पायों के बीच वन-वे-ट्रैफिक व्यवस्था होने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
क्या कहते हैं पुलिस पदाधिकारी
सेतु पर जाम से निबटने और वाहनों को निर्बाध चलाने के लिए पुलिस प्रयासरत रहती है. गृहरक्षकों की हड़ताल के कारण कुछ परेशानी हो रही है. इसके बावजूद वाहनों को लेन में चलाने और सेतु पर जाम से निबटने के लिए तैनात पुलिसकर्मी काफी मशक्कत कर रहे हैं.
अवनीश कुमार, थानाध्यक्ष, गंगा ब्रिज
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