बदहाली में चल रहे एससी-एसटी हॉस्टल
Updated at : 11 Jan 2017 12:36 AM (IST)
विज्ञापन

चिंताजनक. न कोई सुरक्षा व्यवस्था, न ही व्यापक सुविधा, छात्रावासों की हालत दयनीय हाजीपुर : राजकीय आंबेडकर आवासीय बालिका उच्च विद्यालय में बीते दिनों हुई घटना ने वहां की सुरक्षा-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. गरीब परिवार की बच्चियों को बेहतर शिक्षा और रख-रखाव के लिए बनाये गये इस छात्रावास में 345 छात्राओं […]
विज्ञापन
चिंताजनक. न कोई सुरक्षा व्यवस्था, न ही व्यापक सुविधा, छात्रावासों की हालत दयनीय
हाजीपुर : राजकीय आंबेडकर आवासीय बालिका उच्च विद्यालय में बीते दिनों हुई घटना ने वहां की सुरक्षा-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. गरीब परिवार की बच्चियों को बेहतर शिक्षा और रख-रखाव के लिए बनाये गये इस छात्रावास में 345 छात्राओं का नामांकन है. दिघी के मजीराबाद में विभाग द्वारा करीब 10 करोड़ की लागत से बनाये गये राजकीय आंबेडकर आवासीय बालिका उच्च विद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर सूबे के परिवहन एवं कल्याण मंत्री रमई राम ने घोषणा की थी
कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित राज्य के सभी आंबेडकर आवासीय बालिका उच्च विद्यालयों को प्लस-टू का दर्जा दिलाया जायेगा. इसके बावजूद सरकार व प्रशासन द्वारा बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती रही हैं. शहर से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर बसे इस छात्रावास में बिजली, पानी, साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.
बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद छात्रावास में बिजली गुल होने के बाद जेेनेरेटर नहीं चलाया जाता. यहां मौजूद छात्राओं ने बताया कि रविवार को पूरे दिन बिजली नहीं रहती है और रात्रि में उन्हें अंधकार में गुजरना पड़ता है. छात्रावास के लिए बने दोनों भवनों में पीने के पानी की समस्या है और छात्राओं को अपने-अपने बोतल में भर कर कैंपस के मेस से लाना पड़ता है. छात्रावास के निरीक्षण के दौरान पीने के पानी के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार नजर आया. पूरे छात्रावास में एकमात्र मेस के अंदर ही साफ़-सफाई दुरुस्त थी. लेकिन उसके आस-पास का नजारा भयावह है.
345 छात्राओं के लिए मात्र दो सुरक्षा गार्ड, घटना के बाद छात्राओं में दहशत
बच्चों से बात करते पूर्व आयोग अध्यक्ष डाॅ फुलेश मांझी.
छात्रावास में छायी वीरानगी
छात्रावास में आये परिजनों ने बताया कि बीते दिन की घटना से पूरा परिवार सहमा हुआ है. हमने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यहां भेजा था, लेकिन यहां कि सुरक्षा-व्यवस्था काफी दयनीय है. व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद अपने बच्चों को वापस भेजने का प्रयास करेंगे. हालांकि घटना के बाद छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से छात्रावास में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है. वहीं, लोगों का कहना है कि वीराने छात्रावास में प्रशासन किसकी सुरक्षा करेगा.
एक गार्ड दिन व एक रात में कार्यरत
डीएम रचना पाटील के आदेश पर छात्रावास के अधीक्षक शिव पासवान और प्राचार्य इंदु देवी को निलंबित कर दिया गया. इसके बाद यहां पदस्थापित प्राचार्य डाॅ कुमारी प्रभावती ने बताया कि सुरक्षा के लिए छात्रावास में तीन गार्ड हैं, इनमें से एक को डीएम के यहां प्रतिनियुक्त किया गया है. बाकी बचे दोनों गार्ड को दिन व रात के लिए लगाया गया है. प्राचार्य ने बताया कि घटना के बाद छात्राएं थोड़ी सहमी हुई है, जिसके कारण उनका पलायन हो रहा है. छात्रावास की छात्राओं व अभिभावकों को हमने समझाने का प्रयास किया है. लेकिन देर शाम तक सभी सभी छात्राएं अपने-अपने परिजनों के साथ जा चुकी थीं.
कर्मियों व शिक्षकों से हुई पूछताछ
घटना के बाद प्रशासन व विभिन्न संस्थानों द्वारा छात्रावास का दौरा किया जा रहा है. सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार मिश्रा अपने पुलिस दल-बल के साथ पहुंचे. उन्होंने शिक्षकों व कर्मचारियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की. पूर्व आयोग अध्यक्ष व एससी-एसटी संघ के अध्यक्ष डाॅ हुलेश मांझी ने भी छात्रावास का दौरा किया. इसके बाद प्रेस से बात करते हुए उन्होंने सरकार व प्रशासन से छात्रावास में सुरक्षा-व्यवस्था दुरुस्त करने, खोजी कुत्ते की मदद से जांच करवाने व परिजनों को मुआवजा देने जैसी कई मांगें रखी.
उन्होंने ऐसा नहीं किये जाने पर आंदोलन पर उतरने की बात कही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




