जहां जन्म लिया, वहीं हुआ अंतिम संस्कार

Updated at : 22 Dec 2016 4:11 AM (IST)
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जहां जन्म लिया, वहीं हुआ अंतिम संस्कार

दुखद . कोनहारा पर पूर्व राज्यपाल समेत सैकड़ों लोगों ने किशोरी सिन्हा को दी अंतिम विदाई हाजीपुर : जिस गंगा गंडक के संगम तट पर मां ने बेटे को जन्म दिया था, बुधवार को उसी धराधाम पर बेटे ने मां को मुखाग्नि दी. केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार अपनी मां किशोरी सिन्हा को मुखाग्नि […]

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दुखद . कोनहारा पर पूर्व राज्यपाल समेत सैकड़ों लोगों ने किशोरी सिन्हा को दी अंतिम विदाई

हाजीपुर : जिस गंगा गंडक के संगम तट पर मां ने बेटे को जन्म दिया था, बुधवार को उसी धराधाम पर बेटे ने मां को मुखाग्नि दी. केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार अपनी मां किशोरी सिन्हा को मुखाग्नि देने के बाद मां से जुड़ी बातों को याद कर भावुक हो उठे. लालगंज प्रखंड के जगन्नाथ बसंत गांव निवासी रामेश्वर सिंह की पुत्री एवं वैशाली की पूर्व सांसद किशोरी सिन्हा ने कोनहारा घाट के निकट अपने पारिवारिक मित्र जैतपुर स्टेट के मकान में अपने इकलौते पुत्र को जन्म दिया था. श्री कुमार ने रुंधे गले से बताया कि मां का अंतिम संस्कार कोनहारा घाट पर करने के पीछे एक ख्याल यह भी रहा कि जहां मां ने मुझे जन्म दिया था,
यहीं पर मैं उनके जीवन की अंतिम यात्रा पूरी करना चाहता था. उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कृति के विकास में किशोरी सिन्हा का जो योगदान रहा, हम उसे आगे बढ़ायेंगे. स्व सिन्हा 1980 में पहली बार वैशाली लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनी गयी थीं. तब उन्हें वैशाली की पहली महिला सांसद होने का गौरव प्राप्त हुआ. उस वक्त लालगंज विधान सभा क्षेत्र भी वैशाली संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था. जब पहली बार संसदीय चुनाव लड़ने के दौरान जब लोगों ने उनसे पूछा था कि जीतने के बाद वो क्या करेंगी, तो जवाब में उन्होंने कहा कि सबसे पहले लालगंज में उच्च शिक्षा की व्यवस्था करेंगे, ताकि हमारी बेटियां आगे पढ़ सकें.
निर्वाचित होने के बाद छह महीने के अंदर उन्होंने लालगंज को पहला महाविद्यालय दिया, जब जगन्नाथ बसंत स्थित अपने गांव में अपने दादा अवध बिहारी सिंह के नाम से कॉलेज की स्थापना की. 1984 में दोबारा सांसद चुने जाने पर उन्होंने दो बार वैशाली महोत्सव के आयोजन की अगुआई की, तब इन कार्यक्रमों में उपराष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, प्रसिद्ध सीने अभिनेता सुनील दत्त, प्रसिद्ध अभिनेत्री वैजयंती माला जैसी हस्तियां आयी थीं. अंतिम संस्कार के मौके पर उनके गृह नगर लालगंज से आये हुए सैकड़ों लोगों ने उनसे जुड़ी स्मृतियों को ताजा किया.
कोनहारा घाट पर किशोरी सिन्हा को मुखाग्नि देते पुत्र निखिल कुमार.कोनहारा घाट पर बैठे मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री.
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