मॉनसून पूर्व नालों की सफाई शुरू सड़क कचरे के ढेर में हुई तब्दील
Updated at : 08 May 2016 1:57 AM (IST)
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लापरवाही. नाला जाम हो जाने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है नगर के ज्यादातर मोहल्लों में अभी तक नाले का निर्माण नहीं हो सका है. इसके चलते वहां से पानी निकलना मुश्किल हो जाता है. कई इलाकों में जहां छोटी-छोटी नालियां हैं, उनका जुड़ाव मुख्य नाले से न […]
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लापरवाही. नाला जाम हो जाने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है
नगर के ज्यादातर मोहल्लों में अभी तक नाले का निर्माण नहीं हो सका है. इसके चलते वहां से पानी निकलना मुश्किल हो जाता है. कई इलाकों में जहां छोटी-छोटी नालियां हैं, उनका जुड़ाव मुख्य नाले से न होने के चलते पानी निकलना संभव नहीं हो पाता. शहर के गांधी आश्रम मोहल्ले की स्थिति तो हमेशा नारकीय बनी रहती है.
हाजीपुर : मॉनसून आने के पहले शहर के सभी नालों की सफाई की जा रही है. बरसात के मौसम में नगरवासियों को जलजमाव की समस्या न झेलनी पड़े इसके लिए नगर पर्षद इन दिनों नालों की उड़ाही पर जोर लगा रखा है. मालूम हो कि बरसात के मौसम में जलजमाव के कारण हर साल लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है.
लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है. नाले जाम हो जाने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है. नगर पर्षद के सभापति हैदर अली और उपसभापति निकेत कुमार सिन्हा डब्लू का कहना है कि जलजमाव की समस्या के स्थायी निदान के लिए नगर पर्षद द्वारा ठोस योजना बनायी गयी है, जिस पर चरणबद्ध तरीके से काम होगा.
जल निकासी की व्यवस्था के बिना समाधान संभव नहीं : नगर में जलजमाव की समस्या का समाधान इतना आसान नहीं है. इसके लिए नगर पर्षद को शहरी क्षेत्र से जल निकासी का मुकम्मल इंतजाम करना होगा. जानकारों का मानना है कि छोटी-छोटी नालियों से लेकर बड़े नालों की कनेक्टिविटी और जल निकासी की व्यवस्था किये बगैर नगर क्षेत्र को जल जमाव से मुक्ति नहीं मिलेगी. पिछले वर्षो में भी बरसात का मौसम आने के पहले नालों की सफाई होती रही है. इसके बावजूद बारिश के दिनों में नगर के दर्जनों मोहल्लों में सड़कों पर पानी जमा होता रहा है.
अधिकांश इलाकों में नहीं हैं नाले : सड़कों पर जलजमाव का मुख्य कारण नाले का नहीं होना है. नगर के ज्यादातर मोहल्लों में अभी तक नाले का निर्माण नहीं हो सका है. इसके चलते वहां से पानी निकलना मुश्किल हो जाता है. कई इलाकों में जहां छोटी-छोटी नालियां हैं, उनका जुड़ाव मुख्य नाले से न होने के चलते पानी निकलना संभव नहीं हो पाता. शहर के गांधी आश्रम मोहल्ले की स्थिति तो हमेशा नारकीय बनी रहती है. इसी तरह पोखरा मोहल्ला, रामजीवन चौक,
शाही कॉलोनी, वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, समता कॉलोनी, चौहट्टा चौक, सांचीपट्टी, बागमली, अंदरकिला समेत दर्जनों मोहल्लों की सड़के नाले के अभाव में बरसात के दिनों में डूबी रहती है. हालांकि नगर पर्षद ने नालों के निर्माण पर ध्यान देना शुरु किया है और कुछ इलाकों में नाला बनाने का काम भी शुरु हुआ है.
नाले के कचरे से सड़क पर चलना मुश्किल : नगर पर्षद द्वारा नाले की उड़ाही तो करायी जा रही है, लेकिन इसके चलते सड़कों की स्थिति नारकीय हो गयी है. नाले का कचरा निकाल कर सड़कों पर रख दिया जा रहा है. इससे लोगों का सड़क से गुजरना मुश्किल हो रहा है. शहर के कई प्रमुख मार्गो पर कचरा पसरे होने के कारण जाम की स्थिति पैदा हो रही है. बेशक, नालों की सफाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है
कि नाले से सिल्ट निकालने और उसके निस्तारण का उचित प्रबंध किया जाये. ताकि नागरिकों को इससे परेशानी न हो. लोगों का कहना है कि नाले से सिल्ट निकालने के बाद उसके त्वरित उठाव के लिए नगर पर्षद को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे सड़कों पर कचरा न फैले.
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