लापरवाही. विकास की रफ्तार में सड़कों की बदहाली से लग रहा ब्रेक

Updated at : 03 Mar 2016 5:40 AM (IST)
विज्ञापन
लापरवाही. विकास की रफ्तार में सड़कों की बदहाली से लग रहा ब्रेक

बनते देर नहीं हुई और ध्वस्त हो गयीं किस-किस सड़क का हाल बतायें और कहां-कहां का दर्द सुनायें. कहीं वर्षों से लोगों को सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं सड़क निर्माण का कार्य ही अधूरा छोड़ दिया गया. कहीं सड़क तो बनी, लेकिन बनने के बाद उखड़ने भी लगी. ऐसे में तो […]

विज्ञापन

बनते देर नहीं हुई और ध्वस्त हो गयीं

किस-किस सड़क का हाल बतायें और कहां-कहां का दर्द सुनायें. कहीं वर्षों से लोगों को सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं सड़क निर्माण का कार्य ही अधूरा छोड़ दिया गया. कहीं सड़क तो बनी, लेकिन बनने के बाद उखड़ने भी लगी. ऐसे में तो सड़क की समस्या दूर होने से रही.
हाजीपुर : सरकारी विभागों द्वारा किस प्रकार से सड़क बनायी जा रही है, इसका नमूना आप महुआ प्रखंड में आरडब्ल्यूडी द्वारा बनायी गयी एक सड़क पर देख सकते हैं. महुआ के मंगरू चौक से शंभोपुर कोआरी पथ का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था. 2008-09 में स्वीकृत इस सड़क निर्माण का कार्य विभाग के हाजीपुर कार्य प्रमंडल द्वारा कराया गया. विभाग की ही रिपोर्ट बताती है कि पथ का जो निर्माण हुआ वह कुछ ही दिनों बाद ध्वस्त हो गया है.
अब फिर से इसे बनाने की तैयारी चल रही है. आरडब्ल्यूडी, महुआ के कार्यपालक अभियंता द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा उक्त सड़क के प्राक्कलन की मांग की गयी थी, जिसके आलोक में निर्माण कार्य का डीपीआर तैयार कर भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा.
अधूरी पड़ी है एनएच में मिलने वाली लिंक सड़क : हाजीपुर में एसएच और एनएच को जोड़ने वाली लिंक सड़क का निर्माण कार्य पिछले साल से ही ठप पड़ा है. सदर प्रखंड के शुभई गांव के निकट महुआ स्टेट हाइवे से हाजीपुर-जंदाहा एनएच 103 को जोड़ने वाले लिंक रोड का निर्माण कार्य 2015 में ही पूरा हो जाना था. लगभग पौने पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क शुभई से मलमल्ला चंवर इलाके से होकर एनएच 103 पर लक्ष्मण दास चौक के निकट मिलती है. 381.48 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण का कार्य 2014 में शुरू हुआ था. निर्माण की लागत के अलावा पांच सालों तक सड़क का मेंटनेंस करने के लिए 33.39 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. यह कार्य अधूरा क्यों पड़ा है, समझ से परे है.
बेसुध पड़ी है पातेपुर की ऐतिहासिक सड़क : पातेपुर प्रखंड की एक महत्वपूर्ण सड़क लगभग चार दशक से खराब पड़ी है, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली.
पातेपुर के फकीरचंद चौक से सुजावलपुर जाने वाली सड़क इतनी जर्जर है कि 13 किलोमीटर का सफर घंटों में पूरा होता है. पातेपुर को ढोली सकरा रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाली इस सड़क का निर्माण भौगोलिक महत्व के कारण कभी मुगल शासक ने कराया था. ब्रिटिश शासन में इस सड़क का पक्कीकरण हुआ. आजादी के बाद कांग्रेसी हुकूमत में 70 के दशक में इस सड़क को दुरुस्त किया गया, लेकिन उसके बाद आज तक किसी भी
शासन की नजरे इनायत इस बदहाल सड़क पर नहीं हुई. सड़क को ऐसे उद्धारक की तलाश है, जो उसका कायाकल्प कर सके.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन