सरकारी आदेश पर भी नहीं बना छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र

Updated at : 18 Jan 2016 4:14 AM (IST)
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सरकारी आदेश पर भी नहीं बना छात्रों का जन्म प्रमाणपत्र

राजापाकर : प्रखंड के सभी उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय, राजकीय प्राथमिक एवं नवसृजित विद्यालयों में एक वर्ष पूर्व जन्म निबंधन कार्यक्रम चलाया गया था. इस कार्यक्रम में जन्म-मृत्यु निबंधन के तहत सभी सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय के नामांकन पुस्तिका में दर्ज जन्म तिथि के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र बनाना था. प्रखंड के सभी संबंधित […]

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राजापाकर : प्रखंड के सभी उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय, राजकीय प्राथमिक एवं नवसृजित विद्यालयों में एक वर्ष पूर्व जन्म निबंधन कार्यक्रम चलाया गया था. इस कार्यक्रम में जन्म-मृत्यु निबंधन के तहत सभी सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को विद्यालय के नामांकन पुस्तिका में दर्ज जन्म तिथि के अनुसार जन्म प्रमाणपत्र बनाना था. प्रखंड के सभी संबंधित विद्यालयों के संबंधित पंचायत सचिव, पंचायत में कार्यरत सांख्यिकी स्वयं सेवक और विद्यालय के प्रधानाध्यापक को मिल कर इस कार्य का निबटारा करना था.

बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया काम : बताते चलें कि यह कार्य प्रखंड के लगभग सभी विद्यालयों में प्रारंभ तो हुआ, लेकिन शायद ही किसी विद्यालय के छात्र-छात्राओं को निबंधन के बाद जन्म प्रमाणपत्र निर्गत कर इसका वितरण किया गया. जानकारी के अनुसार संबंधित सरकारी कर्मी एवं विद्यालयों में संबंधित विद्यालय प्रधान के सहयोग से कक्षा वार जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए ब्योरा तो इकट्ठा किये गये, लेकिन उसे बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया.
छात्रों के भविष्य से हुआ खिलवाड़ : ज्ञात हो कि आज के समय में जन्म प्रमाणपत्र को प्रथम नागरिकता प्रमाणपत्र के साथ-साथ विभिन्न आवश्यक कार्यो में अनिवार्य बना दिया गया है.
इसके बावजूद राज्य सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए संबंधित कर्मियों ने छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए इसके
प्रति घोर लापरवाही की है. प्रखंड क्षेत्र के कई लोगों ने जिला पदाधिकारी तथा जिला सांख्यिकी पदाधिकारी से इस कार्य के निबटारे में शीघ्र उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
क्या कहते हैं अभिभावक
सरकार के आदेश के आलोक में सभी सरकारी स्कूलों में जन्म प्रमाणपत्र बनना था, लेकिन सांख्यिकी विभाग के कर्मचारी एवं पंचायत सचिवों ने इसे शिथिल कर दिया, जिससे विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को आज तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है.
शीला देवी, अध्यक्ष विद्यालय शिक्षा समिति
अल्लीपुर, जाफरपट्टी
विद्यालय के छात्र-छात्राएं को जन्म प्रमाणपत्र बनाने की सरकारी मुहिम बहुत सुलभ थी, लेकिन संबंधित कर्मी सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनाये गये.
विनोद प्रसाद सिंह, अभिभावक
बखरी बड़ाई पंचायत
शिक्षा विभाग को जन्म प्रमाणपत्र संबंधी परेशानी पर पहल करनी चाहिए और सरकारी आदेश का पालन होना चाहिए. सरकारी आदेश के बावजूद विद्यालय के छात्र-छात्राएं को जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनना सरकारी विधि व्यवस्था पर प्रश्न खश कर रहा है.
रंजीत सिंह, गौसपुर बरियारपुर पंचायत
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