छोटे-मोटे मामले को सामाजिक स्तर पर निबटाने में माहिर थे अजीत

पटेढ़ी बेलसर : बेलसर ओपी अध्यक्ष अजीत कुमार की मौत के दूसरे दिन भी क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा रहा. बेलसर क्षेत्र से उनका गहरा लगाव ही था कि वे इस थाने में तीन बार पदस्थापित हुए. सर्वप्रथम वर्ष 2006 से 2008 तक पुलिस अवर निरीक्षक तथा नवंबर 2013 से फरवरी 2014 तक थानेदार का […]
पटेढ़ी बेलसर : बेलसर ओपी अध्यक्ष अजीत कुमार की मौत के दूसरे दिन भी क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा रहा. बेलसर क्षेत्र से उनका गहरा लगाव ही था कि वे इस थाने में तीन बार पदस्थापित हुए. सर्वप्रथम वर्ष 2006 से 2008 तक पुलिस अवर निरीक्षक तथा नवंबर 2013 से फरवरी 2014 तक थानेदार का पद संभाला.
लेकिन पुन: अप्रैल 2015 से थानेदार के पद पर रहते हुए मंगलवार को दुनिया को अलविदा कह गये. अजीत कुमार की कार्य करने के अलग अंदाज ने ही उनको पूरे क्षेत्र में पहचान दिलायी थी.
छोटे-छोटे मामलों को अपने स्तर से या समाज के बीच सलटाना उनकी खासियत थी. एक पैर से आंशिक रूप से विकलांग होने के बावजूद वह अपनी ड्यूटी पूरी जवाबदेही के साथ निभाते रहे. पूर्व मुखिया इंद्रजीत पटेल लालगंज में हुई घटना के बारे में बताते हैं कि पुलिस चाहती,
तो उनकी जान बच सकती थी. बेलसर से उनका लगाव ही था कि लालगंज में एक घर में छिपे होने की खबर अजीत बाबू ने मोबाइल पर दी थी. हमलोगों ने इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को भी दी. जब इधर से अजीत बाबू को फोन मिलाया गया, तो फोन रिसीव नहीं हुआ. हम सभी लोग लालगंज गये, तब तक काफी विलंब हो चुका था. घायल अवस्था में पड़े थे. स्थानीय निवासी बताते हैं कि वे काफी मृदु स्वभाव के थे.
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