आज डूबते सूर्य को देंगे अर्घ
Updated at : 11 Apr 2019 12:32 AM (IST)
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हाजीपुर : सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ को लेकर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है. चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन बुधवार को खरना हुआ. छठ व्रतियों के घरों में दिन भर खरना की तैयारी में लोग लगे रहे. पर्व के सामान की खरीदारी में भी लोग व्यस्त रहे. पूजन सामग्रियों और मौसमी […]
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हाजीपुर : सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ को लेकर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है. चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन बुधवार को खरना हुआ. छठ व्रतियों के घरों में दिन भर खरना की तैयारी में लोग लगे रहे. पर्व के सामान की खरीदारी में भी लोग व्यस्त रहे. पूजन सामग्रियों और मौसमी फलों की खरीदारी को लेकर बुधवार को भी शहर के बाजारों में भीड़ देखी गयी.
गोधूलि बेला में हुआ खरना
दिन भर उपवास पर रहते हुए छठ व्रतियों ने घर-आंगन, बर्तन-बासन आदि की सफाई की. शाम होते ही व्रतियों के कदम नदी घाटों की ओर बढ़ चले. नगर के कोनहारा घाट, सीढ़ी घाट, पुराना पुल घाट समेत अन्य घाटों पर व्रतियों ने नारायणी नदी में डुबकी लगायी.
तन-मन को शुद्ध करने के बाद गंगा जल लेकर अपने अपने घर को लौटे. घर पहुंच कर नियम-निष्ठा के साथ मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ का खीर और रोटी बनायी. इसके बाद पूजा-अर्चना करते हुए छठी मइया को भोग लगाया. तब व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया और परिजनों व पड़ोसियों को प्रसाद खिलाया. इस दौरान हर व्रती के घर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा.
पवित्रता के साथ लोगों ने लोहंडा का प्रसाद पाया: महनार. लोक आस्था का पर्व चैती छठ को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. छठ पूजा करने वाले व्रती बुधवार को पूरे दिन उपवास के बाद संध्या में दूध और अरवा चावल और गुड़ से बने खीर एवं अन्य पूजा सामग्री भगवान भास्कर को अर्पित कर खरना किया.
खरना के बाद व्रतियों का 36 घंटे का उपवास प्रारंभ हो गया है. खरना का प्रसाद ग्रहण करने को लेकर लोग देर रात तक व्रतियों के घर पहुंचते रहे. गुरुवार को भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ अर्पित किया जाएगा.
वहीं शुक्रवार को उदीयमान स्वरूप को अर्घ अर्पण के साथ व्रत संपन्न हो जाएगा. पर्व को लेकर छठ घाटों एवं जलाशयों की साफ-सफाई पूर्ण कर ली गयी है. शहर में वैसे तो कई छठ घाट है, लेकिन चैती छठ की पूजा में व्रती छठ घाट ही आते हैं. चैत्री छठ करने वाले व्रतियों की संख्या बहुत अधिक नहीं होती है. छठ को लेकर बाजार में भीड़ भाड़ बढ़ी हुई है. फल एवं पूजन सामग्रियों की दुकानों पर खरीदारी की भीड़ पूरे दिन उमड़ी रही.
इधर छठ घाट की साज-सज्जा का काम अंतिम चरण में है. व्रतियों को किसी प्रकार के दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पहले से ही सजग है.महंगाई सर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है. आस्था के आगे महंगाई पूरी तरह से बौना साबित हो रहा है.
यह नजारा बुधवार को बाजारों में देखने को मिली. बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचे और छठ से जुड़े विशेष सामग्रियों की खरीदारी की. परिधान की दुकानों पर भी जबरदस्त भीड़ दिखी. व्रतियों के परिजनों अपने मन-पसंद के परिधान खरीदने में विशेष रूचि लिये. चूड़ी, लहठी की दुकान पर भी भीड़ देखते ही बनी. महिलाएं अपने मन पसंद की कलात्मक चूड़ी, लहठियां की खरीदारी करने में जबरदस्त रूचि दिखायी.
लालगंज. लोक आस्था एवं सूर्योंपास्ना का महापर्व चैती छठ को लेकर लालगंज बाजार एवं देहाती क्षेत्रों में सुबह से ही बाजार लगा रहा. बाजार में लोगों ने केला, नारियल एवं व्रत के अन्य सामग्रियों की जमकर खरीदारी किया. रात में महिला व्रतियों ने खरना कर प्रसाद ग्रहण किया.
गुरुवार को भगवान सूर्य को सांध्य अर्घ्य दिया जायेगा. शुक्रवार को उदीयमान सूर्य के अर्घ व पारण के साथ पर्व पूर्ण हो जायेगी. इसके लिए बुधवार को श्रद्धालु नारायणी नदी के बसंता जहानाबाद घाट, जलापुर घाट, बारबे घाट, नगर क्षेत्र के थानापोखर व प्रखंड क्षेत्र के अन्य पोखर तालाबों पर घाट का निर्माण करते व सूखे तालाबों में बोर्डिंग चलाकर पानी भरते देखे गये.
अर्घ के लिए घाटों पर पहुंचेंगे छठव्रती
अनुष्ठान के तीसरे दिन गुरुवार को डूबते सूर्य को अर्घ देने के लिए छठव्रती नगर के विभिन्न घाटों और जलाशयों पर पहुंचेंगे. 36 घंटे के निर्जला उपवास के दौरान व्रती घाटों पर पहुंच जल में खड़े होकर भगवान भास्कार को अर्घ देंगे. नगर के कोनहारा घाट, सीढ़ी घाट और पुराना पुल घाट पर छठव्रतियों के सुरक्षित स्नान के लिए नदी में बैरिकेडिंग और रोशनी की व्यवस्था की गयी है.
खतरनाक घाटों पर डेंजर मार्क बनाकर उन्हें बंद कर दिया गया है. स्नान – पूजन और अर्घ दिये जाने वाले घाटों पर एसडीआरएफ की टीम तैनात की गयी है. एसडीआरएफ के जवान मोटरवोट से नदी में गश्ती करते रहेंगे, ताकि स्नान के दौरान कोई भी अप्रिय घटना होने पर डूबने वाले व्यक्ति को बचाया जा सके.
हत्या के साजिश मामले में नाबालिग गवाह को भेजा जेल
महनार. महनार पुलिस द्वारा हत्या की साजिश के चश्मदीद गवाह नाबालिग को जेल भेजे जाने का प्रकाश में आया है. मामला महनार थाना के लवापुर नारायण पंचायत का है. महनार थाना के लावापुर नारायण गांव में वर्ष 2018 में 11 वर्षीय अनुराग की गांव के ही कुछ लड़के किसी बहाने चमरहरा चंवर में सरसों के खेत में ले जाकर रस्सी का फंदा गले में बांध कर उसकी हत्या का प्रयास किया था.
आरोपित उसे मरा हुआ समझ कर वहां छोड़ कर भाग निकले थे. ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी और इसकी सूचना परिजनों को दी. बच्चे का इलाज महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था. इस मामले में महनार थाना में अनुराग की मां ने 1 मार्च 2018 को कुंदन कुमार, कुणाल कुमार सहित बाबूलाल सहनी की पत्नी रीना देवी आदि पर साजिश के तहत उसके पुत्र अनुराग की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज़ कराई थी.
पूरी घटना का चश्मदीद गवाह गीता देवी का पुत्र प्रमोद कुमार बना और पुलिस ने भी प्रमोद को बतौर गवाह अपनी केश की डायरी मेंर्ग्ज कर मामले का अनुसंधान किया था. बाद में महनार डीएसपी द्वारा इस नाबालिग प्रमोद जिसकी उम्र लगभग 14 वर्ष है, उसे ही अनुसंधान में अप्राथमिक अभियुक्त बनाते हुए उसके विरुद्ध गिरफ्तारी का आदेश निर्गत किया गया . न्यायालय में अनुराग की मां सीमा देवी ने शपथपत्र दायर कर प्रमोद को इस घटना का जिम्मेवार नहीं ठहराया था.
इस संबंध महनार डीएसपी रजनीश कुमार बताया कि अनुसंधान के क्रम में अनुराग ने स्वंय बयान दिया था कि प्रमोद ही उसे भोज खिलाने के नाम पर ले गया था. उन्होंने बताया कि अनुराग द्वारा दिए गए बयान के आधार पर प्रमोद अप्रथामिक अभियुक्त सेक्शन 120 बी के तहत पाये जाने के बाद उसके विरुद्ध हत्या की साजिश की संलिप्ता के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है.
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