बिहार के इस स्कूल में जाति और धर्म के आधार पर बांटकर बच्चों की हो रही पढ़ाई

Updated at : 18 Dec 2018 4:13 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार के इस स्कूल में जाति और धर्म के आधार पर बांटकर बच्चों की हो रही पढ़ाई

सुनील/ नरोत्तम @हाजीपुर वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड में एक ऐसा विद्यालय है, जहां छात्र- छात्राओं को जाति और धर्म के आधार पर अलग-अलग कक्षाओं में बैठा कर पढ़ाया जाता है. इस विद्यालय में हिंदू और मुसलमान बच्चों के लिए अलग-अलग क्लास रूम हैं.यहीं नहीं, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग के एनेक्शचर वन एवं टू के […]

विज्ञापन
सुनील/ नरोत्तम @हाजीपुर
वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड में एक ऐसा विद्यालय है, जहां छात्र- छात्राओं को जाति और धर्म के आधार पर अलग-अलग कक्षाओं में बैठा कर पढ़ाया जाता है. इस विद्यालय में हिंदू और मुसलमान बच्चों के लिए अलग-अलग क्लास रूम हैं.यहीं नहीं, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग के एनेक्शचर वन एवं टू के बच्चों को भी अलग-अलग सेक्शनों में बांट कर पढ़ाया जाता है, तो सवर्ण बच्चों के लिए अलग क्लास रूम बनाया गया है.
छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पंजी भी जाति और धर्म के आधार पर अलग-अलग हैं. उपस्थिति पंजी में भी बच्चों के नाम के साथ उनकी जाति का जिक्र है. विद्यालय की व्यवस्था ऐसी है कि दलित और मुस्लिम छात्र-छात्राएं दूसरी जाति के क्लास रूम में नहीं जाते हैं. घर से स्कूल के लिए निकलने वाले एक ही कक्षा ये बच्चे सड़कों पर एक साथ चलते हैं, जबकि स्कूल के मुख्य द्वार में प्रवेश के साथ ही अलग-अलग होकर अपनी कक्षा की ओर जाने को विवश हैं.
यह व्यवस्था जीए उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय लालगंज की है. इस विद्यालय में यह व्यवस्था चार वर्षों से विद्यालय प्रबंधन ने लागू कर रखी है. इस पर किसी प्रशासनिक पदाधिकारी का ध्यान नहीं जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है. स्कूल प्रबंधन के इस कृत्य पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों का विरोध नहीं करना भी उनकी कुत्सित मानसिकता की ओर इशारा करता है.
जाति-धर्म के आधार पर ऐसे बांटे गये हैं विद्यार्थी
प्रधानाध्यापिका की मानें तो नौंवी कक्षा में 770 छात्र -छात्राएं नामांकित हैं, जिन्हें छह सेक्शनों में बांटा गया है. हर सेक्शन में 70 बच्चों का नामांकन कर उन्हें दो भागों में वन व टू में बांटा गया है. एक सेक्शन के दोनों पार्ट के रजिस्टर भी अलग-अलग हैं. हालांकि एक सेक्शन के दोनों पार्ट के बच्चे एक ही क्लास में बैठते हैं.
उदाहरण के तौर पर नौवीं कक्षा को लें, तो नौवीं ए वन में अल्पसंख्यक छात्राएं, ए टू में अल्पसंख्यक छात्र, बी वन में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की छात्राएं, बी टू में केवल अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र, डी वन में केवल दलित वर्ग की छात्राएं, डी टू में केवल एससी- एसटी के छात्र का नामांकन और पठन-पाठन कराया जाता है.

ऐसा हमने स्कूल के बच्चों की पढ़ाई में सुविधा एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में सहूलियत के ख्याल से किया है. इसका कहीं से कोई विरोध नहीं है. बच्चों के साथ कोई जातिगत भेदभाव नहीं किया जाता है.

-मीना कुमारी, प्रभारी,प्रधानाध्यापिका
ऐसी शिकायत मिलने के बाद विद्यालय का निरीक्षण किया गया है. प्रथमदृष्टया मामला सत्य प्रतीत होता है. डीईओ को रिपोर्ट भेजी जा रही है. वरीय पदाधिकारियों के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
-अरविंद कुमार तिवारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, लालगंज
अगर किसी विद्यालय में ऐसी व्यवस्था है, तो यह गलत है. जाति के आधार पर बच्चों को वर्गों में बांटा जाना गलत है. इसकी जांच करायी जायेगी. दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
-कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, शिक्षा मंत्री
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन