सुरक्षा को लेकर बरती जा रही उदासीनता

Updated at : 11 Oct 2017 3:25 AM (IST)
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सुरक्षा को लेकर बरती जा रही उदासीनता

हाजीपुर : जिले के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों की ओर से बच्चों की सुरक्षा के प्रति घोर उदासीनता बरती जा रही है. स्कूल से आने-जाने के क्रम में सरकारी स्कूलों की ओर से बच्चों की निगरानी करने की बात अब तक किसी मामले में सामने नहीं आया है, जबकि स्कूल कैंपस में भी लघु अवकाश […]

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हाजीपुर : जिले के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों की ओर से बच्चों की सुरक्षा के प्रति घोर उदासीनता बरती जा रही है. स्कूल से आने-जाने के क्रम में सरकारी स्कूलों की ओर से बच्चों की निगरानी करने की बात अब तक किसी मामले में सामने नहीं आया है, जबकि स्कूल कैंपस में भी लघु अवकाश के वक्त बच्चों के गतिविधियों पर नजर नहीं रखे जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि जिले के कुछ स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर वहां पदस्थापित शिक्षकों को काफी गंभीर देखा जाता है. लेकिन ऐसे स्कूलों की संख्या काफी कम है.

स्कूल वाहन के भीतर नहीं की जाती है गंभीर निगरानी : निजी स्कूलों की ओर से चलाये जा रहे स्कूल वाहनों के अंदर बच्चों की समुचित निगरानी नहीं की जाती है. बच्चे विभिन्न निजी स्कूलों के वाहनों पर स्कूल से आने-जाने के क्रम में धमाल मचाते नजर आते हैं. इस दौरान बच्चे आपस में उलझ जाते हैं. उनके चोटिल होने की संभावना भी बनी रहती है. स्कूल वाहन पर बच्चों की निगरानी के लिए प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की योग्यता कुछ खास नही होती है.
इसलिए उनकी संवेदनशीलता भी बच्चों की सुरक्षा मामले में काफी कम होती है. जिला शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किये गये सभी प्रावधानों के प्रति निष्ठा बरतने के निर्देश स्कूलों के प्रधानों को दिये जा चुके हैं. जिले के कुछ निजी स्कूल वाहनों पर सीटों की उपलब्ध संख्या से अधिक बच्चों को सवार कराया जाता है. इस कारण भी सफर के दौरान मासूम बच्चों को काफी तनाव झेलना पड़ता है. बच्चों में उत्पन्न अनावश्यक तनाव का प्रभाव उनके शैक्षणिक कुशलता पर पड़ने लगता है और कभी-कभी बच्चे गंभीर रूप से बीमार भी हो जाते हैं.
स्कूल हादसों से नहीं ले रहे सिख : जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षक और निजी स्कूलों के संचालक आये दिन देश के विभिन्न भागों में अवस्थित स्कूलों में हो रहे हादसों से सबक नहीं ले रहे और सुरक्षा के प्रति अपनी ओर से उदासीनता बरतते जा रहे हैं. शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की ओर से भी मानकों के विरुद्ध स्कूल संचालन करने वालों के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं किये जाने से वे मनमाने तरीके से स्कूलों का संचालन कर कमाई करने में जुटे हैं और लगातार इस दौरान मासूम जिंदगियों के प्रति लापरवाही बरती जा रही है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
स्कूल वाहनों पर सवार स्कूली बच्चों की सुरक्षा की निगरानी मानकों के तहत की जा रही है अथवा नहीं, इस संदर्भ में जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दे रखा है. विशेष जानकारी डीटीओ ही दे सकते हैं.
राजेंद्र सिंह,डीपीओ,माध्यमिक,वैशाली
बोले निजी स्कूल संचालक
स्कूल वाहन पर सवार स्कूल के बच्चों की निगरानी के लिए विशेष रूप से चालक को निर्देश दिया गया है. चालक को कहा गया है कि जब तक बच्चे सुरक्षित रूप से स्कूल और घर तक नहीं पहुंचा दिये जाएं, तब तक बच्चों की हरेक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाये.
रंजीत कुमार शास्त्री, प्राचार्य, अपुरण एकेडमी स्कूल, दयालपुर
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