मां! मेरा क्या कुसूर था, जो झाड़ी में फेंक दिया

हाजीपुर : आज भी बेटियां समाज में पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं. बेटों की चाह में बेटियां उपेक्षित हो रही हैं. नगर थाना क्षेत्र के पुरानी गंडक पुल के पास सोमवार की अहले सुबह झाड़ी में एक नवजात बच्ची मिली. वह रो रही थी, आवाज सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गयी. सभी उस […]
हाजीपुर : आज भी बेटियां समाज में पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं. बेटों की चाह में बेटियां उपेक्षित हो रही हैं. नगर थाना क्षेत्र के पुरानी गंडक पुल के पास सोमवार की अहले सुबह झाड़ी में एक नवजात बच्ची मिली. वह रो रही थी, आवाज सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गयी. सभी उस मां को कोस रहे थे कि जिसने बेदर्दी से इस मासूम को झाड़ी में फेंक दिया. अंधेरा होने के वजह से मोबाइल की रोशनी से बच्ची को देख कर स्थानीय एक महिला ने उसे गले लगाकर अपने घर ले गयी. ग्रामीणों ने नवजात बच्ची मिलने की सूचना चाइल्ड लाइन को दी. चाइल्ड लाइन के अमित कुमार ने बताया कि
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