डिप्लोमा की डिग्री देने के नाम पर ठगी, प्राथमिकी

Updated at : 25 Sep 2017 9:29 AM (IST)
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डिप्लोमा की डिग्री देने के नाम पर ठगी, प्राथमिकी

हाईकोर्ट ने भी नामांकन को अवैध बताते हुए लगाया अर्थदंड भगवानपुर : स्थानीय पटना साहिब ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधन द्वारा करोड़ों रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में कॉलेज के डिप्लोमा के छात्र व पटना के मनोज कुमार ने भगवानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिकी में कॉलेज […]

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हाईकोर्ट ने भी नामांकन को अवैध बताते हुए लगाया अर्थदंड
भगवानपुर : स्थानीय पटना साहिब ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधन द्वारा करोड़ों रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में कॉलेज के डिप्लोमा के छात्र व पटना के मनोज कुमार ने भगवानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
प्राथमिकी में कॉलेज प्रबंधन द्वारा पटना हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नामांकन फीस के अतिरिक्त 50 हजार प्रति छात्र-छात्राओं को देने से इन्कार करने का आरोप लगाया गया है. भगवानपुर थाना कांड संख्या 172/17 के तहत दर्ज प्राथमिकी में पटना साहिब ग्रुप ऑफ कॉलेज द्वारा सत्र 2016-2019 में डिप्लोमा के छात्रों का नामांकन तकनीकी शिक्षा परिषद बिहार के नियमों को ताक पर रखकर प्रबंधन द्वारा नामांकन किया गया था.
जिसके कारण तकनीकी शिक्षा परिषद ने उक्त कॉलेज के प्रबंधन द्वारा किये गये सभी नामांकन को नियमानुकूल के विपरीत बताते हुए छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दिया. इस संबंध में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय ने कॉलेज प्रबंधन को दोषी करार देते हुए प्रत्येक छात्र-छात्राओं को 50- 50 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थ दंड के साथ शिक्षण शुल्क लौटाने का आदेश दिया.
इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अबतक एक भी छात्र का पैसा वापस नहीं किया गया, जिसको लेकर कॉलेज के उक्त सत्र में नामांकन कराने वाले छात्र-छात्राओं के बीच आक्रोश पनपने लगा. जानकारी के अनुसार पटना के एम्परा अपार्टमेंट में रह रहे जीतलाल का पुत्र मनोज कुमार सहित 102 डिप्लोमा के छात्र-छात्राएं है जिन्होंने सत्र 2016-19 में नामांकन कराया था.
कॉलेज के डायरेक्टर सहित अन्य पर प्राथमिकी: भगवानपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में कॉलेज के कैंपस डायरेक्टर सीतेश सिन्हा के अलावे अमरीश कुमार, बृजेश सिंह, सरदार चरणजीत सिंह, बीके सिंह, सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं एस गुरमेल सिंह गेरिवाल को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि नामांकन के दौरान जमा किए गये शिक्षण शुल्क मांगने पर कॉलेज के पदस्थापित चरणजीत सिंह, पीके सिंह, अमरीश कुमार द्वारा डॉ. सी बी रमण यूनिवर्सिटी का सर्टिफिकेट दिये जाने का आश्वासन दिया जाता है और जब कोई छात्र फर्जी सर्टिफिकेट लेने से इन्कार करता है, तो उसके साथ मारपीट की जाती है.
छात्र मनोज का आरोप है कि पटना साहिब ग्रुप ऑफ कॉलेज कैंपस में एक ही बिल्डिंग में पटना साहिब कॉलेज, डॉ. सी वी रमण यूनिवर्सिटी तथा पटना साहिब यूनिवर्सिटी को दर्शाया जा रहा है. एक ही कैंपस के दो बिलिडिंग को कभी डिप्लोमा तो कभी डिग्री, तो कभी सी बी रमन यूनिवर्सिटी, तो कभी पटना साहिब यूनिवर्सिटी बताकर छात्रों के साथ ठगी की गयी है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
पटना साहिब कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में फर्जीबाड़ा का एक मामला प्रकाश में आया है. कॉलेज के एक छात्र ने कॉलेज के प्रबंधन के खिलाफ शिक्षण शुल्क गबन करने का आरोप लगाया है. प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है.
विक्रम आचार्या, थानाध्यक्ष, भगवानपुर
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