बाजार की जगह पर बन गयी पार्किंग
Updated at : 24 Sep 2017 5:30 AM (IST)
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लापरवाही. 150 साल पुराने बथुआ बाजार में कदम-कदम पर है अतिक्रमण फुलवरिया : फुलवरिया प्रखंड का बथुआ बाजार धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. अंग्रेजों के जमाने का यह बाजार आज पूरी तरह से अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है. आलम यह है कि यहां का पुराना बाजार आज पूरी तरह से अपना अस्तित्व […]
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लापरवाही. 150 साल पुराने बथुआ बाजार में कदम-कदम पर है अतिक्रमण
फुलवरिया : फुलवरिया प्रखंड का बथुआ बाजार धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. अंग्रेजों के जमाने का यह बाजार आज पूरी तरह से अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है. आलम यह है कि यहां का पुराना बाजार आज पूरी तरह से अपना अस्तित्व खो चुका है. इसे समय की मार कहें या फिर जगह की दिक्कत कि 150 साल पुराना बथुआ बाजार सड़क के किनारे ही सिमट कर रह गया है. सड़क तक लोग दुकान सजा कर व्यवसाय करते हैं. इसके कारण मीरगंज से समउर तक आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है
बाजार के नाम पर जो जगह आवंटित है, वहां अब पार्किंग बन गयी है. इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आये व्यवसायी भी मजबूरी में सड़क के किनारे ही अपनी दुकान सजाते हैं. बथुआ बाजार के पुरानी बाजार में लंबे समय तक सब्जी व फलों की दुकानें सजती थीं, लेकिन बाजार में असामाजिक तत्वों का बोलबाला बढ़ता गया.
इसके कारण धीरे-धीरे पुरानी बाजार से हट कर बथुआ बाजार-बगही बाजार मुख्य पथ पर सब्जियों की दुकानें सजने लगी हैं. इसलिए इस बाजार में हर कदम पर अतिक्रमण है. प्रशासन की नजर यहां तक नहीं पहुंच पाती, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है.
क्या कहते हैंं दुकानदार
बथुआ बाजार को जगह नहीं मिलने के कारण बाजार अपना अस्तित्व खो रहा है. कुछ जगह आवंटित है, जहां प्राइवेट स्कूलों की गाड़ियों ने अपना कब्जा बना कर रखा है.
सुभाष प्रसाद
यह बाजार डेढ़ सौ साल पुराना है. अब कुछ असामाजिक तत्वों के कारण बाजार का पुराना बाजार अपना वजूद खोकर सड़क पर लग रहा है. इसके कारण ग्राहक और व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
हैदर अली
बाजार में सफाई गाड़ी तो आती है, लेकिन नालियों की सफाई हर जगह और हमेशा नहीं होती है. इसके कारण बारिश के समय नालियों का कीचड़ और पानी सड़कों पर आ जाता है जिससे काफी परेशानी होती है.
आफताब आलम
बथुआ बाजार काफी पुराना बाजार है. इस बाजार से सरकार को राजस्व भी काफी मिलता है, लेकिन यहां सरकार सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं देती. इसके कारण व्यवसायी परेशानी झेलते हैं.
फोटो – 35 -महेश कुमार यादव
बाजार को लेकर क्या कहते हैं ग्राहक
बाजार लगने की जगह पर दिन में गाड़ियों का कब्जा और शाम के समय ठेला और भूजा वाले सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं जिससे परेशानी होती है. बाजार में हर जगह डस्टबीन होना चाहिए. इससे लोगों को सुविधा मिलेगी.
सत्येंद्र कुमार सिंह
बथुआ बाजार में प्रशासन द्वारा अभियान चला कर सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराया जाये और बैरियर लगा कर बड़ी गाड़ियों का बाजार में प्रवेश निषेध किया जाये. क्योंकि, इससे काफी परेशानी होती है.
सरीता देवी
क्या कहते हैं अधिकारी
बथुआ बाजार में अतिक्रमण को लेकर कई बार जाकर लोगों के बीच समझाया-बुझाया गया है, लेअब नोटिस किया गया है. जल्द ही अतिक्रमणमुक्त खुद नहीं करते हैं, तो प्रशासन शक्ति के साथ अतिक्रमणमुक्त करायेगा.
रामानंद सागर, सीओ, फुलवरिया
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