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बिहार के इन 325 कॉलेजों के खर्च का हिसाब लेगी UGC की टीम, गड़बड़ी पाए जाने पर मान्यता होगी रद्द

Updated at : 20 Aug 2022 12:04 PM (IST)
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बिहार के इन 325 कॉलेजों के खर्च का हिसाब लेगी UGC की टीम, गड़बड़ी पाए जाने पर मान्यता होगी रद्द

पटना विश्वविद्यालय (Patna University) में कोलकाता से यूजीसी की टीम (UGC team) 23 से 28 अगस्त के बीच कैंप करेगी और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के करीब 325 कॉलेजों के खर्चों का हिसाब लेगी.

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पटना विश्वविद्यालय में कोलकाता से यूजीसी की टीम 23 से 28 अगस्त के बीच कैंप करेगी और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के करीब 325 कॉलेजों के खर्चों का हिसाब लेगी. पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में इस दौरान राज्य के सभी 325 कॉलेजों के प्राचार्य या उनके प्रतिनिधि अपना खाता बही लेकर आयेंगे और अब तक के किये गये खर्चों का यूजीसी के टीम के सामने हिसाब रखेंगे. विकास पदाधिकारी प्रो परिमल खान को उक्त कार्यक्रम के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. बैठक का समन्वयन विकास पदाधिकारी ही करेंगे. बैठक सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक प्रतिदिन होगी.

ऑनस्पॉट सेटलमेंट लेटर देगा यूजीसी

प्रो. परिमल खान ने बताया कि जो कॉलेज अपना सारा हिसाब किताब क्लियर कर देते हैं और यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा कर देते हैं, उन्हें यूजीसी द्वारा ऑनस्पॉट सेटलमेंट लेटर दे दिया जायेगा. बताते चलें कि सिर्फ पटना विश्वविद्यालय के पटना वीमेंस कॉलेज को ही यूजीसी के द्वारा सेट्लमेंट लेटर जारी किया गया है. बिना सेट्लमेंट लेटर के यूजीसी के द्वारा कॉलेजों को कोई भी फंड नहीं दिया जायेगा, साथ ही हिसाब नहीं देने वाले कॉलेजों पर मान्यता को लेकर भी संकट है.

बीएन कॉलेज छोड़ पीयू के सभी कॉलेजों का हिसाब पूरा

वहीं, पटना विश्वविद्यालय में बीएन कॉलेज को छोड़कर विवि के सभी कॉलेजों ने विवि को अपना यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट दे दिया है. हाइकोर्ट ने पटना विवि को इस मामले में क्लीन चिट दे दी है. संभवत: इसी कार्यक्रम में पीयू के इन कॉलेजों को सेट्लमेंट लेटर दे दिया जायेगा. बीएन कॉलेज भी तेजी से अपना हिसाब दे रहा है. फिलहाल बीएन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजकिशोर प्रसाद लगातार पूर्व के प्राचार्यों के द्वारा किये गये खर्चों को लेकर दिन-रात हिसाब व उसके कागजात खोजने में लगे हैं. प्रो परिमल खान ने बताया कि बीएन कॉलेज पर 66 लाख के खर्चों का हिसाब बाकी है. इसमें 28 लाख का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समिट हो चुका है. 41 लाख का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तैयार है. वहीं 21 लाख का हिसाब खोजा जा रहा है.

कॉलेजों को दिये गये फंड का हिसाब होगा

मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय सह नोडल पदाधिकारी प्रो. परिमल खान ने बताया कि यूजीसी की टीम 23 अगस्त से पीयू लाइब्रेरी में अलग-अलग दिन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ विभिन्न सत्रों में बैठकें करेंगी और कॉलेजों के द्वारा यूजीसी द्वारा दिये गये फंड के खर्चों का हिसाब लेगी. पटना विश्वविद्यालय को उक्त कार्यक्रम की मेजबानी दी गयी है.

23 से 28 अगस्त तक होगी जांच

तिथि विश्वविद्यालय कॉलेजों की संख्या

  • 23 अगस्त- बिहार विवि, मुजफ्फरपुर 50

  • 24 अगस्त- पटना विवि, जय प्रकाश विवि,

  • 24 अगस्त- छपरा, वीर कुंवर सिंह विवि (पटना विवि व जय प्रकाश विवि समेत कुल 54)

  • 25 अगस्त- मगध विवि, पाटलिपुत्र विवि 64

  • 26 अगस्त- टीएम भागलपुर विवि, मुंगेर विवि

  • 26 अगस्त- बीएन मंडल विवि, पूर्णिया विवि ( कुल संख्या 65)

  • 27 अगस्त- एलएन मिथिला विवि 54

  • 28 अगस्त- केएसडीएस विवि, दरभंगा 38

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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