Bihar Weather: हथिया नक्षत्र में बारिश धान के लिए अमृत, मौसम विभाग ने इन जिलों में झमाझम बारिश की दी चेतावनी
Published by : RajeshKumar Ojha Updated At : 03 Oct 2023 9:15 AM
मौसम विभाग के अनुसार नवादा के हिसुआ में सबसे अधिक 101.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जबकि रजौली में 84.4, रोहतास के नौहटा में 71.4 और गया के फतेहपुर में 70, मिलीमीटर बारिश हुई.
बिहार में मानसून की सक्रियता के चलते किसानों ने राहत की सांस ली है. हथिया नक्षत्र में होने वाला बारिश धान की फसल के लिए अमृत कहा जाता है. इधर, हथिया नक्षत्र में पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है. कुछ स्थानों पर तो भारी बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार नवादा के हिसुआ में सबसे अधिक 101.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जबकि रजौली में 84.4, रोहतास के नौहटा में 71.4 और गया के फतेहपुर में 70, मिलीमीटर बारिश हुई.
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के 16 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए कई जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी कर दिया है.भोजपुर, कैमूर, नवादा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल और पूर्णियां समेत 16 जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इसी प्रकार अन्य सभी जिलों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. 4 अक्टूबर को भी बिहार के 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इसमें सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, रोहतास और औरंगाबाद जिला शामिल है. 5 अक्टूबर को पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है. 6 अक्टूबर को भी राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है.
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बिहार में देर से ही सही लेकिन हथिया नक्षत्र में हो रही बारिश ने धान की फसल को संजीवनी दे दी है. पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आयी है.बारिश नहीं होने से मर रहे धान की फसल में बारिश के कारण फिर से हरियाली छा गई है.
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बिहार के गया में मौसम अभी और खुशगंवार रहेगा. अभी तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी है. रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे से पिछले 36 घंटे में लगभग 48 मिलीमीटर बारिश हुई है. बारिश की वजह से शहर की सड़कें कीचड़ से सन गयी हैं. जहां-तहां सड़कों पर जलजमाव से पितृपक्ष मेला क्षेत्र में वाहनों व पैदल चलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री व न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा. सोमवार को दोपहर तक कड़ी धूप रही. दोपहर बाद मौसम अचानक से बदल गया और आसमान में बदली घिर आने के साथ बारिश शुरू हो गयी. देर रात तक रूक-रूक कर बारिश होती रही. इससे श्राद्धकार्य कर अपने आवासन स्थलों पर आने में पिंडदानियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. आवासन स्थलों पर भी लगातार हो रही बारिश से परेशानी बढ़ी है.
बिहार के गया जिले के आमस थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में सोमवार की शाम ठनका गिरने से एक महिला की मौत हो गयी, जबकि एक महिला घायल है. झरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दीपू सिंह ने बताया कि खैरा निवासी रामचंद्र भूइयां की 65 वर्षीय पत्नी सूर्यमनिया देवी की घर से कुछ दूरी पर ठनका गिरने से मौत हो गयी है, जबकि झरी पंचायत के ही चंद्रदेव रविदास की पत्नी जीरा देवी अपने घर में ठनके की आवाज सुनकर बेहोश हो गयीं. उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमस में भर्ती कराया गया है.
बिहार के मुजफ्फरपुर में मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इन दिनों बच्चों में सर्दी, खांसी व बुखार के अलावा पीलिया की शिकायत बढ़ गयी है. रोज बड़ी संख्या में लोग बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. सरकारी व निजी अस्पताल के ओपीडी में जितने मरीज आ रहे हैं, उनमें करीब 60 प्रतिशत संख्या बच्चों की है. बरसात में ज्यादातर बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं. पीलिया सहित मलेरिया व टाइफाइड की शिकायत भी बच्चों में रही है.
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी, खांसी व बुखार का मुख्य कारण वायरल संक्रमण है. साथ ही दूषित खान-पान व पेयजल के कारण भी बच्चों में बीमारियां हो रही हैं. सामान्य तौर पर बैक्टीरिया और वायरस द्वारा शरीर में होने वाले संक्रमण पर प्रतिरक्षा पद्धति द्वारा नियंत्रण रखा जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों में शुरू से ही रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने की जरूरत है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ चिन्मय शर्मा का कहना है कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अगर कम हो, तो जीवाणु तेजी से पनपते हैं और बीमारियां फैलाते हैं. बरसात में बच्चों के बीमार होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन बच्चा अगर बार-बार बीमार पड़ रहा है, तो उसका प्रमुख कारण उसकी कमजोर प्रतिरक्षण शक्ति है. कुछ बच्चों में जन्म से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. बहुत से बच्चे स्कूल में दूसरे बच्चों से भी संक्रमित होते हैं. इधर अपर्याप्त नींद बच्चे की प्रतिरक्षण शक्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और वे सर्दी-जुकाम से बार-बार पीड़ित होते हैं. इसके अलावा व्यायाम या शारीरिक श्रम का अभाव भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है.
रविवार की रात बारिश से कई मोहल्ले में फिर से पानी लग गया है. इस कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है. बावन बीघा कन्हौली, मिठनपुरा सहित कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है. नगर निगम की ओर से कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग खुद ही पानी में ब्लीचिंग पाउडर या मिट्टी तेल डालकर अपनी सुरक्षा कर रहे हैं.
शहर के कई मोहल्लों में बारिश का पानी जमा होने के कारण चर्मरोग की समस्या भी बढ़ने लगी हैं. खुजली सहित फंगल इंफेक्शन के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं. वहीं जिन मोहल्लों में दो-तीन दिनों से पानी लगा है, वहां कई लोगों के पैर भी सड़ने लगे हैं. शारदानगर में रहने वाले अमित ने बताया कि पानी से होकर ही आने-जाने की लाचारी है. जब घर से निकलना होता है, तो पैरों में सरसों तेल लगाकर निकलते हैं.
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By RajeshKumar Ojha
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