बेहद रहस्यमयी है बिहार का ये प्रसिद्ध मंदिर, जानिए क्या है इसके पीछे की कहानी…
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 22 Jun 2024 12:22 PM
बेहद रहस्यमयी है बिहार का ये प्रसिद्ध मंदिर, जानिए क्या है इसके पीछे की कहानी…
Swarna Rani Temple: यह रहस्यमयी मंदिर बिहार के सीतामढ़ी जिला में स्थित है. इस ऐतिहासिक मंदिर को रानी मंदिर (स्वर्ण मंदिर) के नाम से जाना जाता है. बताया जाता है कि इस खूबसूरत मंदिर का निर्माण करने वाले कारीगरों के हाथ को कटवा दिया गया था. इस मंदिर के कई रहस्य हैं जिनमें ईंट के अंदर मौजूद गुफा भी शामिल है. रात के अंधेरे में रोशनी दिखाई देती है और पायल की झंकार आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती है.
Swarna Rani Temple: भारत के प्रत्येक राज्य में ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल मौजूद हैं. भारत देवी-देवताओं की धरती है. यहां पर कई प्राचीन और चमात्कारिक मंदिर स्थित हैं. देश में अलग-अलग देवी देवताओं के मंदिर देखने को मिलते हैं, जो अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक मान्यताओं के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं.
इसके अलावा भारत में कई हजार साल पुराने बेहद रहस्यमयी मंदिर भी हैं जिनके रहस्य से विज्ञान भी पर्दा उठाने में असफल रहा है. हम आज बता रहे हैं बिहार के एक ऐसे ही प्राचीन मंदिर के बारे में जो अपने रहस्यों की वजह से पूरे देश में प्रसिद्ध है…
सुरसंड की रानी स्वर्ण मंदिर इतिहास के कई अनछुए पहलुओं को अपने अंदर समेटे हुए है. इसके बारे में जानने की उत्सुकता आज भी लोगों के अंदर है. इसीलिए इसके कई किस्से-कहानियां बनाई गई हैं. यह रहस्यमयी मंदिर बिहार के सीतामढ़ी जिला में स्थित है.
इस ऐतिहासिक मंदिर को रानी मंदिर (स्वर्ण मंदिर) के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर के किस्से और कहानियां को जानने की इच्छा हर किसी को होती है. इस मंदिर की बनावट बेहद खूबसूरत है. जिसे देखने मात्र से लोगों का मन खुश हो जाता है. इसके खंभों पर शानदार नक्काशी की गई है जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देती है.
कारीगरों के कटवा दिए थे हाथ
बताया जाता है कि इस खूबसूरत मंदिर का निर्माण करने वाले कारीगरों के हाथ को कटवा दिया गया था, लेकिन इसके कोई सबूत मौजूद नहीं हैं. इस मंदिर के कई रहस्य हैं जिनमें ईंट के अंदर मौजूद गुफा भी शामिल है. रात के अंधेरे में रोशनी दिखाई देती है और पायल की झंकार आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पायल की आवाज 2 किलोमीटर तक सुनाई देती है जो रानी राजवंशी कुंवर की है.
इस मंदिर का निर्माण लगभग डेढ़ एकड़ जमीन में किया गया है जिसकी बनावट आगरा के ताजमहल से हुबहू मिलती जुलती है. ऐसा कहा जाता है कि रानी राजवंशी कुंवर ने मंदिर को बनाने वाले चार कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे. उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि इस मंदिर की तरह कोई और मंदिर ना बन सके. जो भी मजदूर के हाथ कटे थे उनकेके परिवारों की देखभाल पूरी उम्र रानी ने की थी.
मजदूरों की बनाई गई है प्रतिमा
मंदिर के पीछे दीवार पर इसका निर्माण करने वाले मजदूरों की प्रतिमाएं बनाई गई हैं जो इस बात के सबूत हैं. बता दें कि इस मंदिर के सोने के मुकुट और सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं. यह भी कहा जाता है कि इस मंदिर पर दबंगो का कब्जा हो गया है.
बता दें कि इस मंदिर के तहखाने में अकूत खाजाना है, लेकिन इसके भीतर जाकर वापस आना बहुत मुश्किल है. इसमें जहीरले सांप निवास करते हैं जो लोगों को तुरंत शिकार बना लेते हैं. नेपाल से छपने वाली एक पुस्तक में यह दावा किया गया है कि इस मंदिर से जुड़े रहस्यों से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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