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जिला परिषद की भूमि अतिक्रमण से होगी मुक्त, लाभुकों को मिलेगा दुकानों का आवंटन

Updated at : 01 Jun 2025 6:21 PM (IST)
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जिला परिषद की भूमि अतिक्रमण से होगी मुक्त, लाभुकों को मिलेगा दुकानों का आवंटन

राजस्व की हानि, लाभुकों की राशि फंसी

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– बस स्टैंड निर्माण की फिर जगी उम्मीद पिपरा. मुख्यालय स्थित जिला परिषद निरीक्षण भवन (डाक बंगला) परिसर की भूमि से अतिक्रमण हटाने और वर्षों से लंबित पड़ी दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद एक बार फिर जगी है. उप विकास आयुक्त सारा अशरफ के प्रखंड कार्यालय दौरे के दौरान स्थानीय नागरिकों ने इस मुद्दे को उनके समक्ष उठाया और उन्हें लिखित आवेदन सौंपा. जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की बातों को गंभीरता से लेते हुए डीडीसी सारा अशरफ ने तत्काल जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिससे लोगों में उम्मीद की किरण नजर आयी. डाक बंगला परिसर की ज़मीन पर वर्षों से अधूरा है बस स्टैंड प्रोजेक्ट पिपरा मुख्यालय में जिला परिषद की लगभग एक एकड़ भूमि पर अंग्रेजों के शासन काल में बना डाक बंगला और वर्तमान में चकबंदी कार्यालय स्थित है. वर्ष 2014 में जिला परिषद द्वारा इस भूमि पर बस स्टैंड और 40 दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था. दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित लाभुकों से प्रत्येक से 01 लाख की राशि भी जमा कराई गई थी. लेकिन अब 10 वर्षों से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो बस स्टैंड बन सका और न ही दुकानें पूरी तरह निर्मित हो पायी. इस बीच, उक्त भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण बढ़ता गया. कुछ लोगों ने मनमाने ढंग से निर्माण कार्य कर दुकानें खड़ी कर ली. वर्षों पूर्व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन इच्छाशक्ति की कमी के चलते जिला परिषद की भूमि धीरे-धीरे अतिक्रमित होकर रह गयी. राजस्व की हानि, लाभुकों की राशि फंसी इन अधूरे दुकानों के कारण सरकार को महत्वपूर्ण राजस्व की हानि हो रही है, वहीं 40 लाभुकों की 40 लाख की राशि जिला परिषद के खाते में वर्षों से अटकी हुई है. इससे संबंधित लोगों में भारी असंतोष है. यातायात व्यवस्था बदहाल, जाम व दुर्घटनाएं आम बात पिपरा बाजार में अब तक न बस पड़ाव है, न ऑटो पड़ाव. नतीजतन, सभी वाहन मुख्य सड़कों पर ही यात्रियों को उतारते-चढ़ाते हैं, जिससे बार-बार जाम की समस्या उत्पन्न होती है. कई बार तो गंभीर दुर्घटनाएं भी घट चुकी हैं. नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद यातायात की बुनियादी सुविधाएं अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं. उम्मीद की जगी नयी किरण डीडीसी सारा अशरफ द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिए जाने के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा. यदि अतिक्रमण हटाया गया और दुकानों का आवंटन किया गया, तो लाभुकों को उनका हक मिलेगा, सरकार को राजस्व मिलेगा, और पिपरा बाजार में जाम एवं यातायात अव्यवस्था की समस्या का भी समाधान होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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