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एमडीएम बनाने के दौरान झुलस गयी थी रसोईया, इलाज के दौरान मौत

Updated at : 13 Apr 2025 6:12 PM (IST)
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एमडीएम बनाने के दौरान झुलस गयी थी रसोईया, इलाज के दौरान मौत

विद्यालय प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर लोगों ने किया सड़क जाम

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– विद्यालय प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर लोगों ने किया सड़क जाम छातापुर. प्रखंड के सोहटा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय गिरधरपट्टी में एमडीएम बनाने के दौरान झुलसकर जख्मी रसोईया की मौत हो गई. बीते पांच अप्रैल को हुई घटना के बाद रसोईया का मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था. जहां उपचार के दौरान रविवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया. मृतका रसोईया 42 वर्षीया अमला देवी गिरधरपट्टी आदिवासी टोला निवासी धर्मदेव उरांव की पत्नी थी. इधर रसोईया की मौत की जानकारी मिलते ही आदिवासी टोला एवं आसपास के सैकड़ों लोग विद्यालय पहुंच गये. विद्यालय के सामने चुन्नी-सोहटा मुख्य पथ को जाम कर आवागमन बाधित कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. एंबुलेंस पर लदे शव के साथ जाम व प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोग विद्यालय प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते मृतका के आश्रितों को समुचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. विद्यालय के सामने तीराहे पर बांस बल्ला लगाकर आवागमन बाधित करने के कारण छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसे रहे. जाम की सूचना के बाद छातापुर एवं राजेश्वरी थाना के अलावे डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची. जहां एएसएचओ मो शाहिद सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने परिजनों से मौत के संदर्भ में जानकारी ली. तत्पश्चात उन्होंने वरीय अधिकारियों से बात कर विभागीय प्रावधान के तहत समुचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम में भेजकर करीब तीन घंटे से बाधित आवागमन को बहाल कराया जा सका. मृतका के पति एवं महिला के परिजनों ने बताया कि एमडीएम बनाने के लिए गैस चूल्हा जलाने के दौरान अमला देवी के वस्त्र में आग लग गयी थी. गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसे पहले सीएचसी छातापुर फिर सदर अस्पताल सुपौल ले जाया गया. नाजुक स्थिति को देखते हुए उसका इलाज मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में चल रहा था. बताया कि विभाग या विद्यालय प्रबंधन की ओर से उचित इलाज नहीं करवाये जाने के कारण उसकी मौत हुई है. मृतका के चार संतान हैं, बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में प्राथमिकी दर्ज करने, मृतका के आश्रितों को चार लाख मुआवजा देने व बच्चों के बालिग होने तक पढ़ाई व भरण पोषण के लिए प्रत्येक माह आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया गया है. कहते हैं विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश कुमार ने बताया कि रसोईया के उपचार में किसी प्रकार की कोताही नहीं की गयी. दुख की घड़ी में विद्यालय परिवार की संवेदना मृतका के परिजनों के साथ है. इस संदर्भ में डीपीएम से बात हुई है. विभागीय प्रावधान के तहत मृतका के परिजनों को चार लाख रुपये का अनुदान, उसके दो बच्चों को बालिग होने तक बाल सुरक्षा योजना के तहत प्रति माह चार-चार हजार रुपये मिलेगा. मृतका के पति यदि चाहे तो उन्हें रसोईया की नौकरी भी दिलवाई जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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