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राज्य स्तरीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम 2025 में सुपौल की बेटियों व बेटो ने बढ़ाया जिले का मान

Updated at : 02 Jan 2026 6:40 PM (IST)
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राज्य स्तरीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम 2025 में सुपौल की बेटियों व बेटो ने बढ़ाया जिले का मान

उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर स्टेट अवार्डी का प्राप्त किया गौरव

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-उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर स्टेट अवार्डी का प्राप्त किया गौरव – उत्क्रमित उच्च विद्यालय बाड़ा एकमा व आरएसएम पब्लिक के छात्रों का हुआ था चयन सुपौल. पटना स्थित श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के तत्वावधान में व एससीईआरटी और बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (बीसीएसटी) की सहभागिता से आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम 2025 का 31 दिसंबर को भव्य समापन हुआ. इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से चयनित बाल वैज्ञानिकों ने अपनी रचनात्मक और नवाचारपूर्ण शोध परियोजनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के समापन अवसर पर राज्य भर से प्रस्तुत परियोजनाओं में से सर्वश्रेष्ठ 30 शोध प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया. जिसमें सुपौल जिले की दो बाल वैज्ञानिक टीमों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए स्टेट अवार्डी का गौरव प्राप्त किया. राज्य स्तर पर चयनित होने वाली टीमों में उत्क्रमित उच्च विद्यालय बाड़ा एकमा की आर्या सिंह एवं भारती कुमारी व आरएसएम पब्लिक स्कूल की सानवी एवं आर्यन राज शामिल हैं. चयनित दोनों टीमें अब राष्ट्रीय स्तर की बाल विज्ञान प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगी. कार्यक्रम का मुख्य विषय खाद्य सुरक्षा एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन रहा. इसके अंतर्गत प्रस्तुत शोध परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि, आर्द्र भूमि, खर-पतवार प्रबंधन एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण समाधान और नवीन दृष्टिकोण सामने आए. जिन्हें निर्णायक मंडल ने विशेष रूप से सराहा. इस अवसर पर जिला समन्वयक सह प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बाड़ा एकमा राजीव कुमार ने कहा कि आर्या एवं भारती तथा सानवी एवं आर्यन राज ने सीमित संसाधनों में स्थानीय समस्याओं से जुड़े सार्थक शोध पत्र और मॉडल प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया है कि ग्रामीण परिवेश में भी नवाचार की अपार संभावनाएं हैं. इन बाल वैज्ञानिकों का चयन पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी शोध एवं नवाचार के लिए प्रेरित करेगी. बाल वैज्ञानिकों की इस सफलता पर जिले के शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने खुशी जाहिर किया है. जिसमें अवधेश कुमार, अजित कुमार, आशुतोष कुमार, श्रवण कुमार, सोनू कुमार, शंकर कुमार, आशीष कुमार, सुधा आदि शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

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