घने कोहरे की चादर में लिपटा सुपौल, ठंड व धुंध ने थाम ली शहर की रफ्तार

विलंब हो रही ट्रेन व बस
सुपौल. सुपौल जिला इन दिनों घने कोहरे की सफेद चादर में पूरी तरह लिपटा हुआ है. सुबह होते ही शहर की सड़कों, गलियों और मैदानों में चारों ओर धुंध छा जाती है. जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है. कोहरे और ठंड के इस दोहरे असर ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया है. लोग देर से घरों से निकल रहे हैं. आवश्यक कार्यों को निपटाने में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं. दुर्घटना की बनी रहती है संभावना सुबह के समय दृश्यता कई स्थानों पर 20 से 30 मीटर तक सिमट जाती है. मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आते हैं. बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान दिख रहे हैं. कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है. जिसे देखते हुए यातायात पुलिस लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है. वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट का प्रयोग करने तथा धीमी गति से चलने की सलाह दी जा रही है. वहीं वाहन पर रेडियम स्टीकर लगाने का अपील किया जा रहा है. कोहरे ने जहां एक ओर मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं दूसरी ओर शहर का नजारा भी कुछ अलग और आकर्षक हो गया है. धुंध में लिपटी सड़कें, पेड़ों पर जमी ओस की बूंदें और हल्की धूप के साथ कोहरा छंटने का दृश्य लोगों को प्रकृति की खूबसूरती का एहसास कराता है. कई लोग इस मौसम को कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं. विलंब हो रही ट्रेन व बस कोहरे का असर रेल और बस सेवाओं पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. सुबह चलने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंच रही है. लंबी दूरी की बसें भी देरी से चल रही है. जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. स्टेशन और बस स्टैंड पर ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे, अलाव के आसपास बैठे नजर आते हैं. कई यात्री समय पर अपने गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण असहज स्थिति में दिखे. लगातर बढ़ रहा ठिठुरन ठंड में लगातार इजाफा होने से जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है. न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. जिससे ठिठुरन बढ़ गई है. सुबह और देर रात की ठंड सबसे ज्यादा परेशान कर रही है. लोग ऊनी कपड़ों, टोपी, मफलर और दस्तानों का सहारा ले रहे हैं. चाय की दुकानों और ठेले-खोमचों पर भीड़ बढ़ गई है, जहां लोग गर्म चाय और नाश्ते के साथ ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. फुटपाथी व्यवसाय प्रभावित कोहरे और ठंड का सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर और बेघर लोगों पर पड़ रहा है. सड़कों के किनारे और फुटपाथ पर रहने वाले लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाते नजर आ रहे है. फुटपाथी दुकानदारों का व्यवसाय भी पूरी तरह प्रभावित है. ठंड में लोग उनके दुकान तक नहीं पहुंच रहे हैं. दुकानदारों ने बताया कि दिन भर में बोहनी पर भी आफत हो जाता है. प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था की जा रही है. ताकि जरूरतमंदों को कुछ राहत मिल सके. हालांकि बढ़ती ठंड को देखते हुए अभी और इंतजामों की आवश्यकता महसूस की जा रही है. सावधानी बरतने की है जरूरत स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है. ठंड और कोहरे के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है. सुबह के समय खुले में टहलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की अपील की जा रही है. कोहरे छाये जाने के है आसार मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार के कई जिलों सहित सुपौल में अगले कुछ दिनों तक कोहरा छाए रहने की संभावना है. सुबह और देर रात घना कोहरा पड़ सकता है. जबकि दिन में हल्की धूप निकलने के आसार है. तापमान में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं जताई गई है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी गई है.
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