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स्टेट बोरिंग महीनों से खराब, धान की खेती प्रभावित, किसानों ने जताई नाराजगी

Updated at : 01 Aug 2025 7:13 PM (IST)
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स्टेट बोरिंग महीनों से खराब, धान की खेती प्रभावित, किसानों ने जताई नाराजगी

किसानों को बढ़ी लागत से हो रही परेशानी

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जदिया. कोरियापट्टी पूरब पंचायत अंतर्गत हीरापट्टी गांव में स्थित सरकारी स्टेट बोरिंग नलकूप बीते कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे स्थानीय किसानों को खेतों की सिंचाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. धान की रोपनी के व्यस्त मौसम में बोरिंग का बंद होना किसानों के लिए गंभीर संकट बन गया है. किसानों को बढ़ी लागत से हो रही परेशानी ग्रामीणों ने बताया कि यह स्टेट बोरिंग वर्षों से गांव के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन रही है. लेकिन अब इसके बंद रहने से किसानों को निजी डीजल इंजन और पंप सेट के माध्यम से महंगी दरों पर सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है. कई किसानों की फसल बर्बाद होने की कगार पर है. मरम्मत के लिए फंड मौजूद, फिर भी लापरवाही जानकारी के अनुसार, पंचायत को स्टेट बोरिंग की मरम्मत और देखरेख के लिए 34 हजार रुपये की राशि कंटीजेंसी फंड के रूप में उपलब्ध कराई जाती है. इसके बावजूद न तो समय पर मरम्मत कराई जाती है, न ही किसी प्रकार की निगरानी होती है. ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकारी फंड उपलब्ध है, तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने इस राशि के उपयोग की पारदर्शिता को लेकर जांच की मांग भी की है. कई बार शिकायत, अब तक सिर्फ आश्वासन गांव के किसान सुरेश कुमार, विष्णुदेव कुमार, मुन्ना जी, अवरेन यादव, रवेन प्रसाद समेत कई अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने पंचायत के मुखिया और सचिव से कई बार इस समस्या की शिकायत की है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. अब जब खेतों को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब यह नलकूप खराब पड़ा है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल स्टेट बोरिंग की मरम्मत कराने की मांग की है, साथ ही पंचायत को दिए गए फंड के उपयोग की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की भी मांग की है. किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी स्थानीय किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे और आंदोलन की राह अपनाएंगे. यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे छोटी-सी उपेक्षा किसानों की मेहनत और जीविका पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाना अति आवश्यक है. कहते हैं कनीय अभियंता लघु सिंचाई के कनीय अभियंता धीरज कुमार ने बताया कि मोटर में आई तकनीकी खराबी के कारण उसे खोलकर रिवाइंडिंग के लिए भेजा गया है जल्द ही समस्या का निबटारा कर दिया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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