राघोपुर. रेफरल अस्पताल राघोपुर परिसर में कर्मियों की मनमानी चरम पर है. जिसका जीता जागता उदाहरण शनिवार को देखने को मिला. जहां मरीजों की भीड़ के बावजूद पैथोलॉजी लैब से कार्यरत दोनों स्टाफ अपने कक्ष से नदारद दिखे. जबकि कक्ष के बाहर दर्जनों मरीज जांच कराने हेतु खड़े नजर आए. जानकारी देते मरीज नरहा निवासी विनोद कुमार यादव, करजाईन निवासी रीता देवी, बेरदह निवासी नवीन सिंह, पिपराही निवासी संझा देवी सहित दर्जनों अन्य मरीजों ने बताया कि घंटों से वे लोग जांच कराने हेतु पैथोलॉजी के गेट पर खड़े है. लेकिन जांच घर में कोई भी जांच करने वाला कर्मी मौजूद नहीं है. बताया कि लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर अस्पताल में इलाज करवाया, जिसके बाद डॉक्टरों के कहे अनुसार वे लोग यहां जांच कराने आये थे. लेकिन यहां जांच करने वाले कर्मी हो गायब है. बताया कि उनलोगों के द्वारा प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को भी इसकी जानकारी दी गई. जिसके बाद उनके द्वारा काफी देर बाद वैकल्पिक व्यवस्था किया गया. जिसके बाद लोगों का जांच हो सका. प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक नोमान अहमद को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली. उन्होंने टेक्नीशियन पंकज कुमार व अरविंद कुमार को सख्त हिदायत देते हुए आगे से ऐसी गलती नहीं करने का आदेश दिया. जिसके बाद उन्होंने जांच हेतु वैकल्पिक व्यवस्था किया तथा पुनः जांच शुरू करवाया. इस मामले में रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दीप नारायण राम ने बताया कि उक्त मामले की जानकारी मिली है. जिसके बाद दोनों लैब टेक्नीशियन का हाजिरी काट दिया गया है. बताया कि दोनों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी.
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