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कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा-अर्चना

Updated at : 22 Sep 2025 6:09 PM (IST)
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कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा-अर्चना

कलश स्थापना के साथ ही जिले में नौ दिवसीय दुर्गा पूजा हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हो गया.

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सुपौल. कलश स्थापना के साथ ही जिले में नौ दिवसीय दुर्गा पूजा हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हो गया. नवरात्र के प्रथम दिन सोमवार को माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गयी. जिला मुख्यालय सहित अन्य दुर्गा मंदिरों में शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना विधि-विधान एवं निष्ठा के साथ प्रारंभ की गयी. कई जगहों पर कलश यात्रा भी निकाली गयी. पर्व को लेकर अहले सुबह से ही श्रद्धालु महिलाएं व पुरुष स्नान कर कलश की स्थापना व माता के पूजन में जुट गये थे. वहीं मंदिरों में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दुर्गा पूजा का शुभारंभ किया गया. मौके पर कई महिला व पुरुष श्रद्धालु ने पूरे दिन का उपवास भी रखा. नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को माता के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-आराधना की जायेगी.

स्वरूप और महत्व

मां शैलपुत्री का वाहन वृषभ (बैल) है. वे दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प धारण करती हैं. उनका स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य है. श्वेत वस्त्रों में सुशोभित मां शैलपुत्री ज्ञान, शक्ति और तपस्या की प्रतीक मानी जाती हैं. नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की उपासना से साधक को शक्ति, धैर्य और समृद्धि का वरदान मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

पूजन सामग्री से सजा बाजार

जिला मुख्यालय बाजार में चहुंओर पूजन सामग्रियों की दुकानें सजी रहीं. सड़क किनारे सजी इन दुकानों में नारियल, मिट्टी के बर्तन, कलश, माता की चुनरी आदि की बिक्री की जा रही थी. इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जुटी रही. जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी शामिल थे. श्रद्धालुओं द्वारा पूजन सामग्री, प्रसाद व माता की चुनरी, माला आदि की खरीदारी की जा रही थी.

फलों की कीमत में हुई बढ़ोतरी

नवरात्र को लेकर बाजारों में फलों की दुकानें सज गयी हैं, लेकिन अत्यधिक महंगाई के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सेब 80-100 रुपये किलो, केला 40-50 रुपये प्रति दर्जन, नारियल 30-35 रुपये पीस, अनार 100 रुपये किलो बिक रहा था. वहीं मिट्टी के कलश 20 रुपये पीस, धूपदानी 10 रुपये, दीया बड़ा 10 रुपये, छोटा दीया दो रुपये, चुनरी 10 रुपये से लेकर 400 रुपये, आर्टिफिशियल दीप 15 रुपये से 40 रुपये तक, माला 15 से 250 रुपये तक बिक रहा था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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