निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने को ले लोगों के घरों में जबरन लगाया जा रहा स्मार्ट मीटर, राजद कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Oct 2024 5:55 PM
रना के बाद शिष्टमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास आवेदन कार्यवाही की देकर मांग की गई है
किशनपुर. विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राजद कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय परिसर में कार्यक्रम प्रभारी रामसागर पासवान व पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव की उपस्थिति व मंगल यादव की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना दिया. धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य करवाया जा रहा है, जो सरकार की सोची समझी साजिश है. सरकार बिहार राज्य विद्युत बोर्ड को विखंडित किया है, ताकि इसको मार्केट पॉलिसी से जोड़ा जाए. प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. घर-घर में जबरन स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है. जिससे प्राइवेट कंपनियां की जेब में बिहार के गरीबों का पैसा जा रहा है. पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर से काफी अधिक बिल वसूला जा रहा है. बिहार में लगभग 03 करोड़ के आसपास हाउस होल्ड है. स्मार्ट मीटर की खराबी पर 100 रुपये अलग से वसूला जाता है. इस तरह 276 करोड़ रुपये प्रति महीना की दर से 3512 करोड़ प्राइवेट कंपनियों को अलग से मुनाफा होगा. प्रखंड प्रभारी रामसागर पासवान ने कहा कि बिहार के कई इलाकों में सुखाड़ एवं बाढ़ जैसी प्रकृति आपदा के सामना से किसान परेशान हैं. इस परिस्थिति में किसानों को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए थी. लेकिन उन्हें सिर्फ 08 घंटे बिजली दी जाती है. पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव ने कहा कि किसान अपना अनाज औने-पौने दामों में बेचकर बिजली बिल भरता है. महिला जिलाध्यक्ष सोनी कुमारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति कराई जा रही है. प्रो श्याम यादव ने कहा कि बिहार जैसे गरीब प्रदेश में सर्वाधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. बिहार बेरोजगारी एवं महंगाई से परेशान हैं और जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ की ओर धकेलता है. कहा कि ग्रामीण इलाकों में लाखों परिवार ऐसे हैं, जिसके पास स्मार्टफोन तक नहीं है. बिजली सिंह यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध करने पर कई घरों की बिजली काट दी जा रही है. जनता में स्मार्ट मीटर को लेकर भारी आक्रोश है. इधर धरना के बाद शिष्टमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास आवेदन कार्यवाही की देकर मांग की गई है.
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