कोसी बराज में इस साल का सबसे बड़ा उफान, खोले गए 24 फाटक: 1.88 लाख क्यूसेक पहुंचा जलस्तर

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इस साल के सर्वाधिक जलस्तर को पार किया कोसी नदी का डिस्चार्ज, कोसी बराज के खोले गए 24 फाटक,

बराज का निरिक्षण करते चीफ इंजीनियर | Prabhat Khabar Network

Kosi Barrage Water Level: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर में कोसी बराज पर इस साल का अब तक का सर्वाधिक जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है, जिसके चलते नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए बराज के 24 फाटकों को खोलना पड़ा है.

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Kosi Barrage Water Level: नेपाल स्थित कोसी नदी के जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज 1,23,500 क्यूसेक से बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक तक पहुंच गया. इसके प्रभाव से कोसी बराज का जलस्तर दोपहर दो बजे तक तेजी से बढ़ते हुए 1,88,210 क्यूसेक के पार चला गया. नदी के खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण बराज के पूर्वी छोड़ पर 'लाल बत्ती' जला दी गई है और रेड फ्लैग लगा दिया गया है. हालांकि, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में और सुरक्षित बताया है.

22 जून का रिकॉर्ड टूटा, खोले गए 24 फाटक

इस मानसूनी सीजन में कोसी नदी अपने सबसे रौद्र रूप में दिखाई दे रही है:

  • सर्वाधिक डिस्चार्ज: इससे पहले बीते 22 जून को कोसी का जलस्तर 1,86,385 क्यूसेक पहुंचा था, लेकिन मंगलवार को इसने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
  • फाटकों की संख्या बढ़ाई गई: उफान को देखते हुए बराज प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले से खुले 18 फाटकों की संख्या को बढ़ाकर 24 कर दिया, ताकि पानी का निकास सुचारू रूप से हो सके.
  • बुधवार तक राहत नहीं: बराह क्षेत्र में आंशिक कमी के बावजूद पानी के प्रवाह की गति को देखते हुए यह अनुमान है कि अगले 6 से 8 घंटों तक जलस्तर का दबाव बना रहेगा, जिससे तटबंध के भीतर बसे गांवों की मुश्किलें बुधवार तक कम नहीं होंगी.

डीएम ने लिया जायजा; तटबंधों पर हाई अलर्ट

सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है:

  1. डीएम की समीक्षा: सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्वयं कोसी बराज का दौरा कर बढ़ते जलस्तर, गेटों के संचालन और तकनीकी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया था.
  2. कैंप कर रहे अधिकारी: कौशिकी भवन स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) के अनुसार, जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार एवं फ्लड फाइटिंग फोर्स के चेयरमैन लगातार दोनों तटबंधों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

सभी स्पर सुरक्षित, संवेदनशील बिंदुओं पर फ्लड फाइटिंग सामग्री तैयार

नदी के बढ़ते तेवर के बीच जल संसाधन विभाग के शीर्ष नेतृत्व ने सुरक्षात्मक तैयारियों को लेकर आम जनता को आश्वस्त किया है:

"कोसी बराज और नदी के दोनों मुख्य तटबंधों के सभी स्पर (Spurs) पूरी तरह सुरक्षित हैं. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बिंदुओं पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण पहले ही कर लिया गया है. राहत की बात यह है कि अब बराह क्षेत्र से पानी घटने के कगार पर है, इसलिए फिलहाल किसी भी प्रकार के जान-माल के खतरे की बात नहीं है. हमारी टीम 24 घंटे अलर्ट पर है." — संजीव शैलेश, मुख्य अभियंता (Chief Engineer), जल संसाधन विभाग


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दिव्यांशु प्रशांत

लेखक के बारे में

By दिव्यांशु प्रशांत

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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