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धूप खिलने से तापमान में हुई वृद्धि, मिली राहत

Updated at : 11 Jan 2026 6:45 PM (IST)
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धूप खिलने से तापमान में हुई वृद्धि, मिली राहत

सुबह से कुहासे व ठंड से लोग रहे परेशान, किसानों को रही परेशानी

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सुबह से कुहासे व ठंड से लोग रहे परेशान, किसानों को रही परेशानी सुपौल. सुपौल शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में सर्द मौसम ने रविवार की सुबह लोगों को रजाई और अलाव के सहारे रहने पर मजबूर कर दिया. आसमान में हल्की धुंध छाई रही. हालांकि कुछ देर धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली, जिससे वातावरण में एक अलग ही सुंदरता देखने को मिली. ग्रामीण इलाकों में अलाव के आसपास बैठे लोग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह-सुबह लोग अलाव जलाकर उसके चारों ओर बैठे नजर आए. किसान, मजदूर और बुजुर्ग हाथ सेंकते हुए ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे थे. कई जगहों पर लोग चाय और गुड़ के साथ ठंड का मजा लेते दिखे. गांव के चौपालों पर भी अलाव की गर्माहट के बीच बातचीत का दौर चलता रहा. बभनगामा गांव निवासी अमोद कुमार ने बताया, “पछुआ हवा के चलते इस बार ठंड कुछ ज्यादा लग रही है. सुबह खेत पर जाने से पहले अलाव के पास बैठना जरूरी हो गया है, नहीं तो शरीर सुन्न हो जाता है. वहीं बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की ठंड में स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना जरूरी है. शहर में भी दिखा सर्दी का असर सुपौल शहर में भी सर्दी का असर साफ तौर पर देखा गया. मुख्य बाजार, स्टेशन रोड और बस स्टैंड के आसपास लोग स्वेटर, जैकेट और शॉल में लिपटे नजर आए. जहां लोग गरम चाय और पकौड़े के साथ मौसम का आनंद लेते दिखे. दुकानदारों का कहना है कि ठंड बढ़ते ही गर्म कपड़ों और ऊनी वस्त्रों की बिक्री में तेजी आई है. बाजार में मफलर, टोपी और दस्ताने की मांग भी बढ़ गई है. रविवार की छुट्टी ने बढ़ाया सुकून रविवार की छुट्टी होने के कारण लोगों को सुबह जल्दी उठकर काम पर जाने की जल्दी नहीं थी. कई लोग देर तक अलाव के पास बैठे रहे, तो कुछ लोग धूप निकलने पर धूप का आनंद उठाया. कुछ परिवारों ने छुट्टी के दिन का उपयोग करते हुए घर में गरमागरम भोजन बनाया. सरसों का साग, दाल-चावल और गरम खिचड़ी जैसे व्यंजन लोगों की पहली पसंद बने. कृषि कार्यों पर असर धुंध और ठंड का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है. सुबह के समय खेतों में काम करने में किसानों को परेशानी हो रही है. हालांकि पछुआ हवा के कारण मौसम शुष्क बना हुआ है, जो रबी फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए यह मौसम फायदेमंद है. लेकिन अत्यधिक ठंड और पाला पड़ने की स्थिति में फसलों को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता जरूरी ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी-खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायतें भी बढ़ने लगी हैं. चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गरम पानी पीने और ठंडी हवा से बचने की जरूरत है. डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को खासतौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है. सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों को भी धुंध कम होने के बाद ही बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है. रविवार को धूप खिलने के बाद तापमान में थोड़ी वृद्धि दर्ज की गयी. तापमान में बढ़ोतरी ने लोगों को प्राकृतिक रूप से गर्माहट का एहसास कराया. लोगों ने छुट्टी के दिन धूप का जमकर आनंद उठाया. लोगों ने दिन का भोजन छत पर खिली धूप में किया. लोगों ने बताया कि इसी तरह यदि धूप खिली तो ठंड से राहत मिलेगी. सुबह व शाम में ठंड को तो बर्दाश्त किया जा सकता है. लेकिन दोपहर में ठंड को बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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