सुपौल. गांधी मैदान से शुक्रवार को भाकपा (माले) के बैनर तले एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया. यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, मजदूर, किसान और आम नागरिक शामिल हुए. मार्च की अध्यक्षता भाकपा माले नेता अरविंद कुमार शर्मा ने की. इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और गरीब–मजदूर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की गई. इस मौके पर श्री शर्मा ने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना अमानवीय और अन्यायपूर्ण है. जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. उन्होंने चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि ये कानून श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं. पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाते है. भाकपा माले ने लेबर कोड वापस लेने की मांग दोहराई. मार्च में भूमिहीन परिवारों को कम से कम पांच डिसमिल जमीन देने की मांग उठी. साथ ही बिहार की बेटियों को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पर एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की गई. अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
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