सुपौल. समाहरणालय में शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित किए जाने वाले जिला जनता दरबार का आयोजन किया गया. इस जनता दरबार की अध्यक्षता अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन-सह प्रभारी जिलाधिकारी मो तारिक ने की. कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी गयी. जिला जनता दरबार में कुल 64 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, आपदा सहायता, परिवहन, राजस्व, अतिक्रमण, पेंशन, आवास और अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित शिकायतें शामिल थी. अपर समाहर्ता मो तारिक ने सभी आवेदनों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर देना है, ताकि उनका समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके. उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि हर आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवेदकों को कार्रवाई की जानकारी दी जाए. इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता सच्चिदानंद सुमन, भू-अर्जन पदाधिकारी सतीश रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी, संजीव कुमार सज्जन, विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण, वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे. सभी अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया. जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की. कई फरियादियों ने कहा कि उन्हें अपनी बात सीधे अधिकारियों तक रखने का अवसर मिला, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है. कुछ मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई. जिला प्रशासन का कहना है कि जनता दरबार का आयोजन नियमित रूप से किया जाता रहेगा, ताकि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और प्रशासन व जनता के बीच विश्वास मजबूत हो.
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