सुपौल. सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय, सुपौल में आयोजित “कृत्रिम बुद्धिमत्ता में उभरते नए तकनीक (जीटी-2026) विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला के पांचवें दिन विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों से आए विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत उपयोगी तकनीकी सत्र आयोजित किए गए. इस कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है. कार्यशाला का मार्गदर्शन डॉ एएन मिश्रा, प्राचार्य के नेतृत्व में गोपाल कृष्णा (विभागाध्यक्ष, सीएसई) तथा कमल राज प्रवीण (विभागाध्यक्ष, सीएसई एआई) द्वारा किया जा रहा है. कार्यशाला संयोजक सुनील कुमार साहू एवं अभय कुमार द्वारा सभी सत्रों का समन्वय किया गया. पांचवें दिन के सत्र की शुरुआत गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सिवान की नूर जहां के व्याख्यान से हुई. इसमें उन्होंने ए आई आधारित आईओटी के नवीनतम एप्लिकेशन पर चर्चा की. इसके बाद बीसीई भागलपुर से आए डॉ राज अन्वित ने आईओटी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई और आईओटी के संयोजन से स्मार्ट सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाओं और उद्योगों में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं. इसके पश्चात गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, खगड़िया के ध्रुव कुमार ने “दवा खोज एवं चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर अपना व्याख्यान दिया. जिसमें एआई आधारित औषधि अनुसंधान और चिकित्सा उपयोगों पर प्रकाश डाला गया. वहीं निशांत कुमार ( जीईसी खगड़िया) ने भी एआई के उभरते शोध क्षेत्रों पर विचार प्रस्तुत किए. कार्यक्रम के सफल संचालन में कंप्यूटर साइंस विभाग के गौरव कुमार, सुनील कुमार सुमन, कुमार अनुकूल, फूल कुमारी एवं नीरज कुमार तथा विभाग के सभी कर्मियों शिवनारायण, कृष्णा, विजय और नीतीश की सक्रिय भूमिका रही. कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया. विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्राप्त की. यह कार्यशाला बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ( बीसीएसटी ) द्वारा प्रायोजित है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

