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डीपीओ व कर्मी गिरफ्तार, नकद बरामद

Updated at : 25 Jul 2025 12:38 AM (IST)
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डीपीओ व कर्मी गिरफ्तार, नकद बरामद

आइसीडीएस कार्यालय में छापेमारी

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सुपौल.जिला मुख्यालय स्थित आइसीडीएस कार्यालय में गुरुवार को जिला पदाधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. डीएम सावन कुमार के निर्देश पर की गयी इस कार्रवाई में एसपी शरथ आरएस के नेतृत्व में एसडीएम इंद्रवीर कुमार, बीडीओ सहित अन्य अधिकारी शामिल थे. करीब चार घंटे तक चले इस छापेमारी अभियान के दौरान आइसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शोभा सिन्हा के कार्यालय से भारी मात्रा में नकद राशि बरामद की गयी. इसके साथ ही कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर चंदन कुमार के पास से भी नकद राशि मिली. कार्रवाई के दौरान समाहरणालय परिसर में अफरा-तफरी मच गयी और विभिन्न कार्यालयों के कर्मचारी बाहर निकलकर स्थिति की जानकारी लेते दिखे.

छापेमारी के बाद डीएम सावन कुमार ने प्रेस को बताया कि उन्हें बुधवार को सूचना मिली थी कि गुरुवार को आइसीडीएस कार्यालय में नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं (एलएस) से नियुक्ति की एवज में प्रति पर्यवेक्षिका 25 हजार रुपये की मांग की जा रही है. बताया गया कि यदि मांगी गयी राशि नहीं दी गयी, तो उनकी बहाली रद्द कर दी जाएगी. छापेमारी के दौरान डीपीओ के कार्यालय कक्ष और ऑपरेटर के पास से नकदी बरामद हुई, उससे इस आरोप की पुष्टि होती है. प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर सदर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में थाना ले जाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की गयी. डीएम ने बताया कि दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.

सीएम के हाथों मिला था नियुक्ति पत्र, फिर भी की गयी राशि की मांग

सूत्रों के अनुसार, 20 जनवरी को मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान सुपौल में 15 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया था. बावजूद इसके, विभाग द्वारा इनकी औपचारिक नियुक्ति नहीं की जा रही थी. इसी को लेकर डीपीओ शोभा सिन्हा ने इन चयनित एलएस से 25 हजार की मांग की थी. बुधवार को सभी को एलएस को कार्यालय बुलाया गया और गुरुवार को राशि लेकर आने का निर्देश दिया गया था. गुरुवार को केवल चार-पांच चयनित एलएस ही कार्यालय पहुंची थी, जिसने राशि देने की बात भी कही.

सख्त मिजाज वाली अधिकारी के रूप में थी पहचान

गिरफ्तार डीपीओ शोभा सिन्हा अपने योगदान काल से ही अपने कारनामे के लिए चर्चा में बनी हुई थी. बावजूद वह आम लोगों की नजरों में अपनी सख्त मिजाज और अनुशासनात्मक रवैये के लिए जानी जाती थी. उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गयी थी, लेकिन अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई थी. गुरुवार को जब उन्हें साड़ी से चेहरा ढंककर कार्यालय से बाहर लाया गया, तो यह दृश्य पूरे समाहरणालय में चर्चा का विषय बन गया.

जनता व पीड़ितों में कार्रवाई को लेकर संतोष

इस कार्रवाई से पीड़ित चयनित महिला पर्यवेक्षिकाओं समेत आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है. डीएम के द्वारा उठाया गया यह कदम भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक सख्त संदेश माना जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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