सड़क हादसा : डीएम और एसपी ने मानवता की मिसाल पेश कर घायलों को पहुंचाया अस्पताल

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अभिषेक कुमार सिन्हा ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सुपौल सदर अस्पताल रेफर कर दिया.
सुपौल एनएच 327ए पर होली के दिन बड़ा सड़क हादसा हो गया. थाना क्षेत्र के अंदौली पंचायत स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के समीप दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में छह युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. दुर्घटना के दौरान संयोगवश डीएम कौशल कुमार और एसपी शैशव यादव का काफिला वहां से गुजर रहा था. सड़क पर तड़प रहे घायलों को देख एक मसीहा के रूप में डीएम व एसपी ने घटनास्थल पर बिना देर किए अपनी गाड़ी रोक दी और तत्काल मदद के लिए आगे बढ़े. किसी वीआईपी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक आम इंसान की तरह उन्होंने घायलों को अपनी सरकारी गाड़ियों में बैठाया और तेजी से किशनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया. जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अभिषेक कुमार सिन्हा ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सुपौल सदर अस्पताल रेफर कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंदौली पंचायत के वार्ड 06 निवासी गुंजन सदा (30) और खट्टर सदा (17) तथा सरायगढ़ थाना क्षेत्र के चांदपिपर पंचायत वार्ड 08 निवासी धीरज कुमार (15) एक ही बाइक पर सवार होकर अंदौली चौक से अपने घर जा रहे थे. तभी सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी टक्कर हो गई, जिससे वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. प्रशासन का सराहनीय कदम डीएम कौशल कुमार और एसपी शैशव यादव द्वारा दिखाई गई तत्परता की स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं. आमतौर पर अधिकारी अपने काफिले के साथ आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन जिले के इन दो शीर्ष अधिकारियों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए घायलों की मदद की. इस घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को उजागर किया है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश गया है. संवेदनशीलता की मिसाल आज के समय में जहां अक्सर लोग सड़क हादसे में घायलों को देखकर भी अनदेखा कर देते हैं, वहीं जिले के इन दोनों शीर्ष अधिकारियों ने जो किया, वह मिसाल बन गया. उनके इस कदम से साबित हुआ कि प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं होते, बल्कि जब बात इंसानियत की आती है, तो वे भी मसीहा बन सकते हैं. यह घटना सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि जब संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी अपने कर्तव्यों के साथ मानवता का परिचय देते हैं, तो समाज में सकारात्मकता फैलती है. डीएम और एसपी के इस कदम ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी सिर्फ संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता से पाटी जा सकती है.
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लेखक के बारे में
By राजीव कुमार झा
राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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