ePaper

सुपौल में कोरोना का कहर तेज, फिर मिले दो दर्जन नये मरीज, जुलाई में 228 मरीजों की हुई पहचान

Updated at : 19 Jul 2020 8:35 AM (IST)
विज्ञापन
सुपौल में कोरोना का कहर तेज, फिर मिले दो दर्जन नये मरीज, जुलाई में 228 मरीजों की हुई पहचान

सुपौल में कोरोना का कहर तेज, फिर मिले दो दर्जन नये मरीज, जुलाई में 228 मरीजों की हुई पहचान

विज्ञापन

सुपौल: जिले में कोरोना संक्रमण की गति काफी तेज हो रही है. शनिवार को जिले में फिर दो दर्जन नये मरीज मिले हैं. जिनमें किसनपुर प्रखंड के 01, राघोपुर के 02, बसंतपुर के 02 एवं सुपौल के 19 मरीज शामिल हैं. इस प्रकार जिले में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 466 मामले सामने आ चुके हैं. हालांकि इनमें से 361 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं. जिसके बाद जिले में कोरोना के कुल एक्टिव मामले 105 मौजूद हैं. डीपीआरओ संतोष कुमार ने बताया कि जिले में कोरोना की जांच हेतु लगातार सैंपलिंग करायी जा रही है. अब तक 07 हजार 779 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की सैंपलिंग की गयी है. जिसमें से 575 लोगों का जांच रिपोर्ट आना अभी बांकी है.

जिले में कोरोना महामारी की रफ्तार अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुकी है. आलम यह है कि फिलवक्त जिले में औसतन प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक कोरोना मरीजों की पहचान की जा रही है. जिसमें आधे से अधिक मरीज सिर्फ जिला मुख्यालय में पाये जा रहे हैं. सिर्फ जुलाई महीने के बीते 18 दिनों के बीच जिले में कोरोना संक्रमण के कुल 228 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं जुलाई माह में सिर्फ जिला मुख्यालय में 133 कोरोना मरीज मिल चुके हैं. ध्यान देने की बात यह है कि अब तक जिले में कोरोना संदिग्ध मरीजों के कराये गये सैंपलिंग में से 575 लोगों का जांच रिपोर्ट आना अभी बांकी है. जाहिर तौर पर अगर इन करीब पौने छह सौ लोगों की रिपोर्ट अगर प्राप्त हो गयी होती तो निश्चित तौर पर जिले में कोरोना का ग्राफ और भी बढ़ चुका होता.

खौफजदा हैं जिले के लोग: बहरहाल कोरोना की भीषण रफ्तार के कारण जिलावासियों में भय का माहौल व्याप्त है. खास कर मुख्यालय में संक्रमण की रफ्तार अप्रत्याशित गति से बढ़ने के कारण शहरवासी खौफजदा हैं. जिला प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देश पर जिले में लॉकडाउन लगाया गया है. संदिग्धों की पहचान हेतु प्रशासन द्वारा लगातार जांच व सैंपलिंग भी की जा रही है. मास्क नहीं पहनने वाले लोगों के बीच कार्रवाई भी की जा रही है. लेकिन लोगों का मानना है कि संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रशासन को और भी सख्त होना होगा. साथ ही लोगों की जागरूकता भी जरूरी है. ताकि इस जानलेवा महामारी से जिलावासियों को निजात मिल सके.

सैंपलिंग की गति बढ़ाने की मांग: ऐसी परिस्थिति में आमलोग लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के पक्ष में हैं. लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है. बीते महीने की तुलना में अब तकरीबन लोग मास्क का भी प्रयोग करने लगे हैं. वहीं जिला प्रशासन से संपूर्ण लॉकडाउन को कड़ाई से अनुपालन कराने के साथ ही मरीजों की जांच हेतु सैंपलिंग की रफ्तार बढ़ाने की भी मांग लोगों द्वारा की जा रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन