सुपौल चक डुमरिया पुनर्वास में बिहार विक्टिम कंपेंसेशन स्कीम, 2014 के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो अफजल आलम के निर्देशानुसार किया गया. इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता विमलेश कुमार ने बिहार पीड़ित मुआवजा योजना, 2014 की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह योजना दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357ए के अंतर्गत दुष्कर्म, एसिड हमला, गंभीर चोट और मृत्यु जैसे गंभीर अपराधों के पीड़ितों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए लागू की गई है. योजना के अंतर्गत दुष्कर्म और एसिड हमले के पीड़ितों को सात लाख रुपये तक मुआवजा, नाबालिगों और गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को इससे अधिक सहायता दी जाती है. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से चिकित्सा उपचार, खोई हुई मजदूरी की भरपाई, कानूनी सहायता, पुनर्वास संबंधी सुविधाएं भी प्रदान की जाती है. बताया गया कि केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस योजना में 2018 और 2019 में संशोधन कर यौन उत्पीड़न पीड़ितों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए है. जो पीड़ित अपराध की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर पुलिस या मजिस्ट्रेट को देते हैं. जिनके मामलों की सिफारिश अदालत या डीएलएसए द्वारा की जाती है. वह इस योजना के तहत मुआवजा पाने के पात्र होते हैं. इस जागरूकता कार्यक्रम में पाराविधिक स्वयंसेवक मो निजाम, मो मोअज्जम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित थे.
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