विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर ही राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं युवा
राघोपुर. स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई सिमराही, राघोपुर के तत्वावधान में युवा नेतृत्व, विकसित भारत विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो प्रमोद कुमार तथा समाजसेवी सचिन माधोगड़िया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया. कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विवेकानंद द्वारा किया गया.अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो प्रमोद कुमार ने स्वामी विवेकानंद के दर्शन एवं आदर्शों को आत्मसात करने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि युवाओं को विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. मुख्य अतिथि सचिन माधोगड़िया ने कहा कि सशक्त, जागरूक और संस्कारित युवा ही विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं.
चरित्र निर्माण से ही संभव है वैभवशाली भारत
क्रीड़ा भारती के विभाग संयोजक संजय ने कहा कि चरित्र निर्माण के माध्यम से ही युवा भारत को वैभव के उच्च शिखर तक पहुंचा सकते हैं. समाजसेवी उमेश गुप्ता ने विश्व के अन्य देशों के युवाओं की तुलना भारतीय युवाओं से करते हुए कहा कि छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है. वक्ताओं ने युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया.
सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रमुख प्रो रामलखन प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया. सेमिनार में मुख्य रूप से जिला सह-संयोजिका नेहा कुमारी, विभाग प्रमुख प्रो रामकुमार कर्ण, नगर मंत्री दीपक झा, धीरज, प्रिंस, पल्लवी कुमारी, रिंकी कुमारी, सुकन्या सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे. विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने इस अवसर पर स्वामी जी के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प दोहराया.
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