उभरते रुझानों व भविष्य की तकनीक पर सात दिनों तक चलेगा मंथन, पाइथन प्रोग्रामिंग पर हुआ तकनीकी सत्र सुपौल. सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में उभरते रुझान (जीटी 2026) विषय पर आयोजित साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को किया गया. यह कार्यशाला पांच जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक संचालित होगी, जिसे बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (बीसीएसटी) द्वारा प्रायोजित किया गया है. कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है. कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ एएन मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) वर्तमान व भविष्य की सबसे प्रभावशाली तकनीक है. इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को उद्योग-उन्मुख कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. वहीं डीन (शैक्षणिक) डॉ चंदन कुमार ने छात्रों से एआइ के व्यावहारिक कौशल सीखने व नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया. विभागाध्यक्ष गोपाल कृष्णा व कमल राज प्रवीण ने कार्यशाला के उद्देश्यों व इसके महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम का संचालन संयोजक सुनील कुमार साहू और अभय कुमार द्वारा किया गया. उद्घाटन सत्र के पश्चात तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें सुनील कुमार सुमन ने पाइथन प्रोग्रामिंग पर विस्तार से जानकारी दी. इस सत्र में पाइथन की मूल संरचना, सिंटैक्स, डेटा टाइप्स और एआई में इसके उपयोग को समझाया गया. इसके बाद गौरव कुमार और कमल राज प्रवीण ने एआई आधारित अनुप्रयोगों और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं पर चर्चा की. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक कुमार अनुकूल, फूल कुमारी, नीरज कुमार सहित विभागीय कर्मियों व छात्र समन्वयकों का सराहनीय योगदान रहा. कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों में काफी उत्साह देखा गया.
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