प्रसव के बाद महिला की गायब हो गयी एक किडनी, पीड़िता ने डॉक्टर पर लगाया आरोप

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jan 2019 8:38 PM

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सुभाष चंद्रा सुपौल : बिहारमें सुपौल जिले के सदर बाजार में संचालित एक निजी नर्सिंग होम के संचालक पर पीड़ित परिवार ने किडनी निकालने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है. पीड़ित परिजन ने इस बाबत डीएम सीएस और सदर थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएस […]

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सुभाष चंद्रा

सुपौल : बिहारमें सुपौल जिले के सदर बाजार में संचालित एक निजी नर्सिंग होम के संचालक पर पीड़ित परिवार ने किडनी निकालने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है. पीड़ित परिजन ने इस बाबत डीएम सीएस और सदर थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. दोषी पाये जाने पर एफआइआर दर्ज करने की बात कही गयी है. हालांकि, इस बाबत डॉक्टर इस मामले में कुछ भी बोलने से फिलहाल परहेज कर रहे हैं.

क्या है मामला
यह मामला सदर बाजार के चकला निर्मली स्थित मेरी गोल्ड रौनक राज हॉस्पिटल से संबंधित है. पीड़िता आशा देवी सदर थाना क्षेत्र के बैरो गांव की रहने वाली है. उसका प्रसव इसी नर्सिंग होम में डॉ शीला राणा की देखरेख में 27 जुलाई 2017 को पेट का ऑपरेशन कर किया गया था. पीड़िता के पति मनोज कुमार चौधरी ने सीएस, डीएम और सदर थाने में आवेदन देकर कहा है कि प्रसव के कुछ दिनों के बाद पीड़िता के पेट में अचानक दर्द होने लगा. इसके बाद मरीज को स्थानीय सर्जन डॉ ओपी अमन से दिखाया गया. डॉक्टर ने मरीज का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. जब आशा देवी का अल्ट्रासाउंड कराया गया, तो रिपोर्ट में एक किडनी नहीं होने की बात कही गयी. जाहिर है परिजनों की आशंका बढ़ी तो उन्होंने दूसरे जगह अल्ट्रा साउंड कराया. लेकिन, वहां भी एक किडनी नहीं होने की बात सामने आयी.

13 माह बाद मिली किडनी गायब होने की जानकारी
परिजनों का आरोप है की जब मेरी गोल्ड रौनक राज हॉस्पिटल में प्रसव से पहले डॉ शीला राणा द्वारा होल एब्डोमेन अल्ट्रा साउंड मरीज आशा देवी का कराया गया था तो दोनों किडनी सही सलामत था. मरीज का ऑपरेशन 27 जुलाई 2017 को किया गया. जिसके बाद बीमार होने पर दूसरे डॉक्टर के पास दिखाने के क्रम में करीब 13 महीने बाद 04 अगस्त 2018 को अल्ट्रा साउंड रिपोर्ट में एक ही किडनी होने की बात सामने आयी. अब किडनी कहां गायब हो गयी. इस बात से हैरान पीड़ित के परिजन ने मैरी गोल्ड रौनक राज क्लिनिक के डॉक्टर शीला राणा पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि इनके द्वारा बाहर से डॉक्टर मंगाकर किडनी निकालने का गोरखधंधा किया जाता है, जो मानवीय जीवन के लिए खतरे का संकेत है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गयी है लेकिन जांच पूरी जब तक नहीं हो जाती तब तक इसे सिर्फ आरोप ही समझा जायेगा.

बहरहाल सवाल उठ रहा है की जब ऑपरेशन से पहले दोनों किडनी ठीक था तो ऑपरेशन के बाद किडनी क्यों नहीं दिख रही है. जबकि, सिर्फ एक ही ऑपरेशन किया गया है. इसके अलावा भी बहुत सारे सवाल हैं, जिसका जवाब जिम्मेदार को वक्त आने पर देना होगा.

कहां गयी किडनी
आशा देवी को वर्तमान में सिर्फ एक किडनी होने की बात अल्ट्रा साउंड में सामने आ रही है. इस बात की जानकारी पीड़िता के परिजन को तब लगा जब उन्होंने आशा देवी के पेट में दर्द होने पर डॉक्टर से दिखाया तो वहां अल्ट्रा साउंड करने पर एक किडनी होने की बात कही गयी. जिसके बाद कई जगह तसल्ली के लिए अल्ट्रा साउंड किया गया. लेकिन, हर जगह एक ही किडनी होने की बात रिपोर्ट में आयी है. आशा देवी की किडनी को जमीन खा गयी कि आसमान निगल गया ये भी जांच का विषय है. इधर स्थिति ये है कि आशा देवी के बचे एक किडनी में भी पथरी होने की बात सामने आ रही है जिससे अब पीड़िता के परिजन गहरे सदमे में है.

ऑपरेशन के बाद गायब हुई किडनी
बताया कि ऑपरेशन से पहले जब डॉक्टर द्वारा प्रसव पीड़ित आशा देवी का पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड करवाया गया तो उसका दोनों किडनी रिपोर्ट में दिख भी रहा था और सामान्य भी था. लेकिन, ऑपरेशन के 13 माह बाद एक किडनी अब नहीं है. परिजन का कहना है की उस ऑपरेशन के बाद किसी तरह का ऑपरेशन कही नहीं किया गया है. सवाल ये है की जब ऑपरेशन में किडनी से छेड़छाड़ नहीं की गयी न ही किडनी निकाली गयी तो आखिर किडनी गयी कहां. क्या पेट के अंदर ही किडनी गायब हो गयी या ऑपरेशन से पहले या ऑपरेशन के बाद किये गये अल्ट्रा साउंड रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी है, ये भी जांच का विषय है.

क्या कहते हैं जानकर
इस बाबत अधिकांश डॉक्टरों की कमोबेस राय है की ऐसा संभव नहीं है. आईएमए के सचिव डॉ बीके यादव ने बताया की जब कभी भी किसी का किडनी निकाला जायेगा तो उसके लिए अधिकतम 06 घंटा का ही वक्त रहता है. उसमे भी इस दौरान किडनी निकालने से लेकर किडनी फिट करने तक किडनी को मूल रूप में सक्रिय रखना पड़ता है, जो यहां किसी भी हाल में संभव नहीं है. उन्होंने यह भी बताया की प्रसव पूर्व कराया गया अल्ट्रा साउंड की रिपोर्ट भी गलत हो सकती है.

कहते हैं सीएस
किडनी गायब होने के मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर घनश्याम झा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मेरी गोल्ड क्लिनिक के संचालक व डॉक्टर पर लगाया गया आरोप सच प्रतीत होता है. बावजूद इसके डॉक्टर एवं तमाम सर्टिफिकेट की जांच की जा रही है. जांच में दोषी होने पर उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया जायेगा.

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