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सूडान संघर्ष: 'वहां की सेना ने पैसे तक छीन लिए, बहुत टॉर्चर किया..' जान बचाकर बिहार लौटे लोग बता रहे आपबीती

Updated at : 30 Apr 2023 10:25 AM (IST)
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सूडान संघर्ष: 'वहां की सेना ने पैसे तक छीन लिए, बहुत टॉर्चर किया..' जान बचाकर बिहार लौटे लोग बता रहे आपबीती

Sudan Crisis: सूडान में बिगड़े हालात के बीच फंसे भारत के लोगों को ऑपरेशन कावेरी के जरिए वापस अपने वतन लाया जा रहा है. बिहार के भी लोग वापस अपने घर आ रहे हैं. बिहार लौटे कुछ लोगों ने बताया कि किस तरह उनकी जान वहां मुसीबत में थी.

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Sudan Conflict: सूडान के खार्तूम से भारी युद्ध और गोलाबारी के बीच भारत के लोगों को अपने वतन वापस लाया जा रहा है. ऑपरेशन कावेरी (operation kaveri sudan) के जरिए वापस अपने घर बिहार पहुंचे सिवान जिले के जीरादेई थाना क्षेत्र के मुइया गांव निवासी सुरेश शर्मा परिजनों को देखकर भावुक हो गया. उनके आंख से खुशी के आंसू छलकने लगे.

सिवान लौटे सुरेश शर्मा ने बताया..

सुरेश शर्मा ने बताया कि सूडान के खार्तूम में वह 18 फरवरी को पहुंचा था. जहां पहुंचने के 2 दिन बाद ही गृह युद्ध छिड़ गया. जिसमें उनके कई साथी भी इस घटना में मारे गए. युद्ध की विभीषिका को याद कर उसकी आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने बताया कि 2 हफ्ते बिना भोजन-पानी ही प्लांट में रहना पड़ा. जहां सूडानी सेना द्वारा उन पर बर्बरता की भी हदे पार कर दी गई. उनके पास मौजूद पैसे, मोबाइल, सामान, आईडी कार्ड तक छीन लिया गया और उन्हें कई तरह की प्रताड़नाएं भी दी गई.

भारतीय सेना की तारीफ

भारतीय सेना के ऑपरेशन कावेरी को याद करते हुए कहा कि सेना के सहयोग से ही वह आज जिंदा अपने परिजनों के पास पहुंचा है. उसने बताया कि भारतीय जल सेना का युद्धपोत आईएनएस सुमेधा से उसे रेस्क्यू किया गया. जिसे लेकर आईएनएस सुमेधा सऊदी तक सफर किया. बाद में सऊदी अरब से भारतीय एयर फोर्स के विमान से वह दिल्ली पहुंचा.

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ऑपरेशन कावेरी अभियान के तहत वतन वापसी

अफ्रीकी देश सूडान से सिवान के ही रमेश प्रसाद गोड़ जैसे ही घर पहुंचे, अपनों को देख उनकी आंखें नम हो गयी. सूडान के खार्तूम में वह गृहयुद्ध में फंस गये थे. जहां ऑपरेशन कावेरी अभियान के तहत भारतीय सेना ने उनका रेस्क्यू किया था. रमेश प्रसाद गोंड गुठनी थाना क्षेत्र के भरौली के रहने वाले हैं.

सूडानी सेना ने बर्बरता की हदें पार की- आरोप

रमेश ने बताया कि वह सूडान के खार्तूम में 18 फरवरी को पहुंचे थे. जहां पहुंचने के दो दिन बाद ही गृहयुद्ध छिड़ गया. जिसमें उसके कई साथी मारे गये हैं. रूह कपां देने वाली युद्ध की विभीषिका को याद कर रमेश ने बताया कि बिना खाये पिये प्लांट में कई दिनों तक रहना पड़ा था. जहां सूडानी सेना द्वारा बर्बरता की हदें पार कर दी गयी.

स्वदेश वापसी को लेकर बिहार सरकार की तैयारी

युद्धग्रस्त सूडान देश में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी को लेकर बिहार सरकार ने भी एक घोषणा की है. आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अरुण कुमार ठाकुर ने कहा है कि राज्य के निवासियों के सकुशल घर वापसी के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक करवाई की जा रही है. सूडान से देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर आने वालों के घर वापसी का किराया बिहार भवन नई दिल्ली के द्वारा भुगतान किया जाएगा. इस संबंध में आदेश की प्रति नई दिल्ली बिहार भवन के स्थानीय आयुक्त व बिहार के सभी जिला पदाधिकारी को सूचनार्थ व आवश्यक करवाई हेतु प्रेषित की गई है.

Published By: Thakur Shaktilochan

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