Bihar: लिंग परिवर्तन कराने के लिए बिहार की छह युवतियां व तीन युवकों ने सरकार से मांगा पैसा

Published by : Prashant Tiwari Updated At : 19 Sep 2024 5:50 AM

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Patna News: लिंग परिवर्तन कराने के लिए बिहार की छह युवतियों और तीन युवकों ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था.

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मनोज कुमार, पटना: लिंग परिवर्तन कराने के लिए बिहार की छह युवतियों और तीन युवकों ने बिहार सरकार से पैसे की डिमांड की थी. हालांकि सरकार ने पैसा देने से इनकार कर दिया है. इन सभी ने ट्रांसजेंडर सर्जरी कराने के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी. दिल्ली के एक ही अस्पताल से ट्रांसजेंडर सर्जरी कराने की सभी ने अर्जी दी थी. इनमें भोजपुर की चार युवतियां व एक युवक, वैशाली की एक युवती, मुजफ्फरपुर व बांका जिले के एक-एक युवक और पटना की एक युवती शामिल है. इसका खुलासा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष में दिये गये आवेदनों की स्क्रूटनी में हुआ है.

सभी ने एक ही अस्पताल से ट्रांसजेंडर सर्जरी की दी थी अर्जी

भोजपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की तीन युवतियां, टाउन थाना क्षेत्र के एक युवक व एक युवती ने ट्रांसजेंडर सर्जरी कराने के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था. वैशाली के टाउन थाना क्षेत्र और पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र की एक-एक युवती ने लिंग परिवर्तन कराने का आवेदन दिया था. बांका के बेलहर थाना क्षेत्र और मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र के एक-एक युवक ने भी अर्जी दी थी. सभी ने तारक हॉस्पिटल जय भारत इंक्लेव द्वारका मोड़, नयी दिल्ली से ही ट्रांसजेंडर सर्जरी का आवेदन किया था.

इस कारण सरकार ने राशि देने से किया इंकार

इन सभी के आवेदनों को अस्वीकृत करने का भी कारण बताया गया है. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ट्रांसजेंडर सर्जरी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) से स्वीकृत नहीं है. साथ ही आवेदक के बिना वेरिफिकेशन के सहायता राशि नहीं दी जा सकती है.

नौ ट्रांसजेंडर सर्जरी समेत 48 आवेदकों की अर्जी अस्वीकृत

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से विभिन्न बीमारियों के इलाज में सहायता के लिए कुल 497 आवेदनों पर विचार के लिए बीते 13 सितंबर को निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें कुल 449 आवेदकों को राशि देने की स्वीकृति दी गयी. ट्रांसजेंडर सर्जरी कराने संबंधी इन नौ आवेदकों समेत 48 आवेदनों को विभिन्न कारणों से अस्वीकृत कर दिया गया. सबसे अधिक कैंसर के इलाज के लिए राशि की स्वीकृति दी गयी.

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लेखक के बारे में

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प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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