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थम नहीं रहा सूअरों की मौत का सिलसिला

Updated at : 18 Jan 2026 9:48 PM (IST)
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थम नहीं रहा सूअरों की मौत का सिलसिला

प्रखंड के हुलेसरा गांव में सूअरों की लगातार हो रही मौत से इलाके में दहशत है. रविवार को पांच सूअरों की मौत हो गई. पशुपालक अंशु मांझी ने बताया कि रविवार को पांच सूअरों की मौत हो गई.अंशु मांझी पिछले करीब चार वर्षों से सूअर पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.

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भगवानपुर हाट. प्रखंड के हुलेसरा गांव में सूअरों की लगातार हो रही मौत से इलाके में दहशत है. रविवार को पांच सूअरों की मौत हो गई. पशुपालक अंशु मांझी ने बताया कि रविवार को पांच सूअरों की मौत हो गई.अंशु मांझी पिछले करीब चार वर्षों से सूअर पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. पिछले चार दिनों में किसी अज्ञात बीमारी के कारण उनके छोटे-बड़े कुल 58 सूअरों की मौत हो चुकी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.अब मात्र 15 छोटे सुअर ही बचे हैं.लगातार हो रही मौतों को देखते हुए प्रथम वर्गीय पशु स्वास्थ्य केंद्र के पशु चिकित्सक एवं कर्मी लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं. वहीं, सूअरों की लगातार मौत से आसपास के ग्रामीणों में किसी महामारी के फैलने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है. सूअर पालक अंशु कुमार ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले एक सूअर बीमार पड़ा था. निजी पशु चिकित्सक से संपर्क कर दवा दी गई, लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो गई. इसके बाद तीन अन्य सूअरों की भी मौत हो गई. लगातार मौत होने पर उन्होंने प्रथम वर्गीय पशु स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ. अनुभव आनंद से संपर्क कर समस्या बताई. डॉ. आनंद गांव पहुंचे और बीमार सूअरों की जांच कर इलाज शुरू किया, बावजूद इसके सूअरों की मौत का सिलसिला अब तक नहीं रुक सका है.इस संबंध में पशु चिकित्सक डॉ. अनुभव आनंद ने बताया कि ठंड के कारण वायरल संक्रमण की आशंका है, जिससे सूअरों की मौत हो रही है. बीमार सूअर का खून का नमूना जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल एहतियात के तौर पर इलाज जारी है और बीमार सूअरों को अलग रखने की सलाह दी गई है, ताकि स्वस्थ सूअरों को संक्रमण से बचाया जा सके.जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ एहसानुल होदा ने बताया कि मेडिकल टीम गांव में कैंप कर रही है सूअरों का ब्लड सैंपल लिया गया.जांच के लिए पटना भेजा गया है.रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लगेगा.उन्होंने बताया कि पशुपालक को सरकारी योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान पर पुनः पालन के लिए सुअर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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