सीवान में फाइनेंस कर्मी नीतीश हत्याकांड में दो गिरफ्तार, अन्य आरोपितों की तलाश जारी
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
Siwan Finance worker murder: जलालपुर में फाइनेंस कर्मी नीतीश कुमार सिंह उर्फ पिकुल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों में धनंजय कुमार और शत्रुघ्न तिवारी शामिल हैं, जिन्होंने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
Siwan Finance worker murder: जीबी नगर थाना क्षेत्र के जलालपुर में फाइनेंस कर्मी नीतीश कुमार सिंह उर्फ पिकुल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों में जीबी नगर थाना क्षेत्र के माधोपुर निवासी धनंजय कुमार और शत्रुघ्न तिवारी शामिल हैं. पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
बताया जाता है कि 12 अगस्त को करीब 11:15 बजे अपराधियों ने जलालपुर गांव में तरवारा गंडक नहर के समीप नीतीश कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के बाद एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कई साक्ष्य जुटाये. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच की. मृतक के परिजनों के आवेदन पर जीबी नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गयी. जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया.
धनंजय ने की थी लाइनर की भूमिका, शत्रुघ्न ने उपलब्ध कराया हथियार
पुलिस के अनुसार, धनंजय कुमार ने लाइनर की भूमिका निभाई थी. उसने नीतीश के सैलून से निकलने की जानकारी अपराधियों को दी थी. वहीं, शत्रुघ्न तिवारी ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार और हेलमेट उपलब्ध कराया था. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
गिरफ्तार धनंजय कुमार का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ जीबी नगर थाने में वर्ष 2018 में हत्या, लूट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है. हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है.
पिता के आवेदन पर तीन नामजद समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी
फाइनेंस कर्मी नीतीश कुमार सिंह उर्फ पिकुल सिंह की हत्या को लेकर उसके पिता अखिलेश्वर सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है.
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 12 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे अखिलेश्वर सिंह तरवारा से अपने गांव शंकर रेस्टोरेंट की ओर जाने वाले रास्ते के पास थे. इसी दौरान उन्हें लगातार गोली चलने की आवाज सुनाई दी. उन्होंने देखा कि गांव के अंकित कुमार सिंह, उसका भाई रितिक कुमार सिंह और चार अन्य लोग पिस्टलनुमा हथियार लेकर भाग रहे थे.
आवेदन के अनुसार, अखिलेश्वर सिंह ने अंकित कुमार सिंह का हाथ पकड़कर गोली चलाने के संबंध में पूछताछ की. इसी दौरान रितिक कुमार सिंह ने उन्हें धक्का देकर छुड़ा लिया और सभी वहां से भाग निकले. इसके बाद उन्होंने अपने पुत्र नीतीश कुमार सिंह को गोली से घायल अवस्था में देखा. स्थानीय लोगों की मदद से उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
प्राथमिकी में अखिलेश्वर सिंह ने अंकित कुमार सिंह, रितिक कुमार सिंह और बाबूल सिंह को नामजद किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि बाबूल सिंह ने अन्य साथियों के साथ आपराधिक साजिश रचकर उनके पुत्र की हत्या करायी. साथ ही पूर्व में भी उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दिये जाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस प्राथमिकी के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.
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