अमृत 2.0 के तहत सीवान में पेयजल परियोजनाओं पर होगा बड़ा निवेश
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 31 May 2026 7:00 PM
निरीक्षण करते डीएम व अन्य
Siwan News : सीवान: अब लोगों को पेयजल के लिए नहीं भटकना पड़ेगा
Siwan News (विवेक कुमार सिंह) : सीवान शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 (अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) के तहत नगर परिषद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की तैयारी शुरू हो गई है.योजना के अंतर्गत नगर परिषद क्षेत्र में कुल छह जलापूर्ति परियोजनाओं पर करीब 113 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके पूरा होने के बाद शहर और नगर परिषद में हाल के वर्षों में शामिल किए गए नए क्षेत्रों के लाखों लोगों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा.योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है.
डीएम समेत अधिकारियों ने पेयजल परियोजना स्थलों का किया निरीक्षण
रविवार को जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता तथा बुडको के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश राम समेत अन्य अधिकारियों ने नगर परिषद के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जलमीनार निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया का जायजा लिया. अधिकारियों ने संभावित स्थलों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.अमृत 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है. इसके लिए केवल जलमीनारों का निर्माण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि आधुनिक पंप हाउस, पाइपलाइन नेटवर्क तथा वितरण प्रणाली भी विकसित की जाएगी ताकि जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावी और सुचारू बनी रहे.
गर्मी में जल संकट से जूझ रहे इलाकों को मिलेगी बड़ी राहत
योजना के तहत नगर परिषद क्षेत्र के चाप में 750 किलोलीटर क्षमता की जलमीनार, माहपुर में 550 किलोलीटर क्षमता की जलमीनार तथा जियाय में 600 किलोलीटर क्षमता की जलमीनार के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है. इसके अलावा तीन अन्य स्थानों पर भी जलमीनार निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश और चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भूमि उपलब्ध होते ही विस्तृत परियोजना को अंतिम रूप देकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा.विशेष बात यह है कि इन सभी परियोजनाओं का लाभ मुख्य रूप से नगर परिषद के उन नए क्षेत्रों को मिलेगा, जो कुछ वर्ष पहले नगर परिषद सीमा में शामिल किए गए थे. इन क्षेत्रों में अब तक पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को निजी बोरिंग, हैंडपंप और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है. गर्मी के मौसम में जल संकट की समस्या और गंभीर हो जाती है.
जलमीनार और पाइपलाइन नेटवर्क से शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
ऐसे में अमृत 2.0 योजना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाली है.परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक जलमीनार से जुड़े पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा तथा घर-घर पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति की जाएगी. इसके लिए व्यापक पाइप नेटवर्क तैयार किया जाएगा.जिससे अंतिम छोर तक रहने वाले उपभोक्ताओं को भी नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके. योजना के पूरा होने के बाद लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और जलजनित बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा.जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि चयन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि परियोजना का कार्य निर्धारित समयसीमा में शुरू हो सके. वहीं नगर परिषद और बुडको के अधिकारियों ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा विभिन्न चरणों में कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा.
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