पंचायत परिसीमन के फैसले पर सीवान में आभार सभा, पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

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फोटो कार्यक्रम के दौरान शामिल अतिथि व अन्य | Prabhat Khabar Network

कार्यक्रम के दौरान शामिल अतिथि व अन्य | Prabhat Khabar Network

त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पंचायत परिसीमन के निर्णय का जोरदार स्वागत किया है. 36 वर्षों के इंतजार के बाद लिया गया यह कदम पंचायत व्यवस्था को सशक्त और ग्रामीण विकास को तेज गति प्रदान करेगा. जानिए क्या हैं इसके फायदे.

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विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट

सीवान: शहर के गोपालगंज मोड़ स्थित टाउन हॉल में बुधवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से बिहार में पंचायत परिसीमन के निर्णय पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति धन्यवाद सह आभार सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, जिला परिषद संघ की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव, पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला, प्रमुख संघ की प्रदेश अध्यक्ष जयमाला पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी तथा जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष अजय भास्कर चौहान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

'36 वर्षों बाद लिया गया ऐतिहासिक फैसला'

मुख्य अतिथि एवं मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि 36 वर्षों बाद पंचायत परिसीमन का निर्णय लिया गया है, जो ऐतिहासिक और साहसिक कदम है. उन्होंने कहा कि यह फैसला बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा. परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या बढ़ेगी, जिससे नए क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिलेगा और बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं तथा नए लोगों को पंचायत प्रतिनिधि बनने का अवसर मिलेगा. इससे गांवों के विकास की रफ्तार भी तेज होगी.

'जनभावनाओं का सम्मान है यह निर्णय'

जिला परिषद संघ की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि पंचायत परिसीमन की मांग लंबे समय से की जा रही थी. मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है. इससे पंचायतों का संतुलित गठन होगा और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आसानी होगी.

'लोकतंत्र और ग्रामीण विकास को मिलेगी मजबूती'

जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष अजय भास्कर चौहान ने कहा कि यह निर्णय गांवों के समग्र विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. परिसीमन के बाद जनप्रतिनिधियों पर कार्य का बोझ संतुलित होगा और पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा.

जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं. परिसीमन से ग्रामीण क्षेत्रों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ेगी. उन्होंने मुख्यमंत्री के इस निर्णय के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से आभार व्यक्त किया.

'पंचायत व्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा'

पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला एवं प्रमुख संघ की प्रदेश अध्यक्ष जयमाला पासवान ने भी पंचायत परिसीमन के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और पंचायत व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी बनेगी.

बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश सिंह, मुखिया तिलकी देवी, संतोष कुमार साह, अमित सिंह, चंदन पाठक, अरविंद कुमार, कौलेश्वर महतो, आभा देवी, जिला परिषद सदस्य उषा देवी, राम दुलार वर्मा, नीतू देवी, सुशील कुमार, सोहमा सोहैल, मनोज बैठा, अरविंद यादव, राजकिशोर चौरसिया, विनय चौहान, राजेश यादव, सुभाष सिंह कुशवाहा, मनोज सिंह सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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