बारिश से पहले विभाग अलर्ट, 500 पुलों की हो रही नंबरिंग

Siwan news : 500 छोटे-बड़े पुलों की सुरक्षा के लिए अभियंता तैनात
सीवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट सीवान. बरसात शुरू होने से पहले जिले के पुल-पुलियों को सुरक्षित रखने के लिए पथ निर्माण विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. जिले के करीब 500 छोटे-बड़े पुलों पर अब नंबरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी पुल में खराबी आने पर उसकी तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सके. साथ ही इंजीनियरों की टीम सड़कों पर बने पुलों और पुलियों का लगातार निरीक्षण कर पानी निकासी, सफाई और संरचना की जांच में जुटी है. पथ निर्माण विभाग के सचिव के निर्देश पर जिले में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विभाग का मानना है कि बरसात के दौरान पुलों में छोटी सी खराबी भी बड़ी परेशानी बन सकती है.ऐसे में हर पुल की अलग पहचान जरूरी है ताकि किसी शिकायत या तकनीकी दिक्कत की सूचना मिलते ही संबंधित पुल तक अधिकारी तुरंत पहुंच सकें.इसी कड़ी में पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार के नेतृत्व में इंजीनियरों की टीम ने जिले की मुख्य सड़कों पर बने पुल-पुलियों का सघन निरीक्षण किया.टीम में सहायक अभियंता, एसडीओ और अन्य कनीय अभियंता भी शामिल थे. अधिकारियों ने पुलों की मजबूती, पानी निकासी व्यवस्था और आसपास की सफाई का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता समलदेव कुमार ने कहा कि पुलों को सबसे ज्यादा नुकसान जलजमाव और गंदगी से होता है. उन्होंने बताया कि मुख्यालय से स्पष्ट निर्देश मिला है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी पुलों के ड्रेनेज स्पाउट्स की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाये. अगर पानी की निकासी सही नहीं होगी तो पुल के डेक स्लैब और बेयरिंग को नुकसान पहुंच सकता है. इससे पुल की उम्र भी कम हो सकती है और दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है. कचरा, मिट्टी व झाड़ियों को हटाने का निर्देश उन्होंने मौके पर मौजूद कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि एक्सपेंशन जॉइंट्स और विंग वॉल के वीप-होल्स की सफाई तत्काल सुनिश्चित कराई जाये, ताकि बारिश का पानी आसानी से बाहर निकल सके और पुल पर दबाव नहीं बने. कई जगहों पर पुलों के नीचे मिट्टी, झाड़ियां और कचरा जमा मिला है. जिसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया. इंजीनियरों की टीम ने पुलों के नीचे जाकर वेंट क्लियरेंस की भी जांच की. देखा गया कि पानी के बहाव में कहीं कोई रुकावट तो नहीं है.जिन स्थानों पर गाद जमा मिली, वहां सफाई कराने को कहा गया. अधिकारियों ने यह भी देखा कि कहीं पुल के किनारे कटाव या दरार जैसी स्थिति तो नहीं बन रही है. पुलों की की जायेगी निगरानी विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार बारिश से पहले पुलों की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. हर पुल का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और उसकी स्थिति की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जायेगी. नंबरिंग होने के बाद भविष्य में मरम्मत और रखरखाव का काम भी आसान हो जायेगा. पथ निर्माण विभाग का कहना है कि समय रहते पुलों की सफाई और देखभाल कर लेने से बरसात में सड़क संपर्क बाधित होने की संभावना काफी कम हो जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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