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मठ व मंदिरों की संपत्ति पर प्रशासन की रहेगी नजर

Updated at : 15 Sep 2024 9:14 PM (IST)
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मठ व मंदिरों की संपत्ति पर प्रशासन की रहेगी नजर

जिले में स्थापित मठ व मंदिरों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी. इसके लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. सभी मठ, मंदिर, ट्रस्ट व धर्मशाला को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा. इसके लिए सूबे के कानून मंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है.

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सीवान. जिले में स्थापित मठ व मंदिरों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी. इसके लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. सभी मठ, मंदिर, ट्रस्ट व धर्मशाला को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड से अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा. इसके लिए सूबे के कानून मंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है. जिलाधिकारी को दिए गये निर्देश में कानून मंत्री ने कहा है कि जिले में स्थित सभी मठ, मंदिरों और ट्रस्टों का अनिवार्य तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया जाय. साथ ही सभी पंजीकृत मंदिरों व मठों से संबंधित चल- अचल संपत्तियों का ब्योरा बीएसबीआरटी को उपलब्ध कराएं. जिससे पंजीकृत मंदिर, मठ, ट्रस्ट की संपत्तियों की बिक्री व खरीद के अवैध कामों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके. जिसे वेबसाईट पर अपलोड किया जा सके. कानून मंत्री द्वारा डीएम को भेजे गए पत्र के बाद संबंधित मठ व मंदिर के संचालकों व महंतों की चिंता बढ़ गई है. इसके तहत मठ व मंदिरों को रजिस्टर्ड कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. साथ ही बगैर पंजीकृत मठ व मंदिरों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की पहल शुरू की गयी है. जिले में सैकड़ों की संख्या में मठ, मंदिरों व ट्रस्ट हैं. जिसमें मात्र 64 मठ व मंदिर ही बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड से पंजीकृत है. जानकारी के मुताबिक मठ व मंदिरों के रख रखाव, पूजा-पाठ, प्रसाद के नाम पर मंदिर की जमीन बिक्री की जाती रही है. इस पर अंकुश लगेगा. वहीं इससे संबंधित भूमि विवाद के निबटारा करने में भी आसानी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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