सीवान में अब नहीं दिखेंगे कचरे के ढेर, बंद होंगे खुले डंपिंग प्वाइंट, सफाई व्यवस्था होगी पूरी तरह हाईटेक

बड़ी मस्जिद के पीछे का डंपिंग प्वाइंट बंद करने का लगा सूचना
Siwan Sanitation System : सीवान शहर को कूड़ा डंपिंग, जलजमाव और कचरा नहीं उठने की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने का दावा किया है. खुले डंपिंग प्वाइंट बंद किए जा रहे हैं और नए संसाधन खरीदे जा रहे हैं. कंपोस्ट प्लांट और एमआरएफ सेंटर की स्थापना से कचरा प्रबंधन को मजबूती मिलेगी.
Siwan Sanitation System : सीवान शहर में कूड़ा डंपिंग, जलजमाव और समय पर कचरा नहीं उठने की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने का दावा किया है. परिषद के अनुसार खुले डंपिंग प्वाइंट बंद किए जा रहे हैं, नए वाहन और मशीनें खरीदी जा रही हैं तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कंपोस्ट प्लांट और एमआरएफ सेंटर स्थापित किए जाएंगे.
खुले कूड़ा डंपिंग प्वाइंट हटाने की शुरुआत
नगर परिषद ने दावा किया है कि बड़ी मस्जिद और गुरुद्वारा के पास वर्षों से बने खुले कूड़ा डंपिंग प्वाइंट को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा शहर के अन्य खुले डंपिंग स्थलों को भी चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की कार्रवाई जारी है, ताकि लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिल सके.
2.65 लाख आबादी के लिए बढ़ाए गए सफाई संसाधन
नगर परिषद के अनुसार 44.13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले शहर की लगभग 2.65 लाख आबादी से प्रतिदिन करीब 130 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है. इसे देखते हुए 23 ट्रैक्टर-ट्रेलर, तीन छोटे व्हील स्किड स्टीयर लोडर (जेसीबी), 100 ट्राइसाइकिल और व्हील बैरो की व्यवस्था की गई है.
Siwan Sanitation System : जल्द खरीदे जाएंगे बंद टिपर और नई मशीनें
कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 20 बंद टिपर खरीदने का कार्यादेश जारी हो चुका है. इसके अलावा दो अतिरिक्त जेसीबी की खरीद प्रक्रिया चल रही है. नालों की आधुनिक सफाई के लिए सक्शन एवं जेटिंग मशीन की खरीद हेतु निविदा निकाली गई है. साथ ही कैटल कैचर और शव वाहन खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है.
900 सफाई कर्मी संभाल रहे शहर की सफाई
नगर परिषद के अनुसार वर्तमान में तीन एजेंसियों के करीब 600 सफाई कर्मी और नगर परिषद के लगभग 300 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं. बड़े नालों की सफाई के लिए अलग एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि निकाले गए सिल्ट और कचरे का तत्काल उठाव किया जा सके.
कंपोस्ट प्लांट और एमआरएफ सेंटर से मिलेगा बड़ा लाभ
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाले कंपोस्ट प्लांट और 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैटेरियल रिकवरी सेंटर (एमआरएफ) की स्थापना अंतिम चरण में है. नगर परिषद का कहना है कि इसके शुरू होने से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन संभव होगा.
घर-घर कचरा पृथक्करण पर होगा जोर
नगर परिषद वार्ड पार्षदों के सहयोग से घर-घर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान भी चला रही है. इसका उद्देश्य मिश्रित कचरे की मात्रा कम करना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है.
अभी भी इन संसाधनों की है जरूरत
नगर परिषद ने बताया कि शहर की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अभी छह अतिरिक्त छोटे जेसीबी, 150 व्हील बैरो और 10 नए टिपर की आवश्यकता है. इसके लिए नगर परिषद बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति से स्वीकृति मांगी गई है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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