सीवान में रसोइयों का विरोध मार्च, न्यूनतम मजदूरी और 12 माह के मानदेय की उठायी मांग
प्रदर्शन करते रसोईया
सीवान जिले में रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध मार्च निकाला. वे न्यूनतम मजदूरी, 12 महीने का नियमित मानदेय और चारों श्रम कोड वापस लेने की मांग कर रही हैं. रसोइयों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा.
सीवान: बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के आह्वान पर सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध मार्च निकाला. बड़ी संख्या में रसोइयां मार्च में शामिल हुईं और जिला पदाधिकारी के समक्ष पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान रसोइयों ने अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज उठायी.
मार्च का नेतृत्व ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने किया. उन्होंने कहा कि रसोइयां वर्षों से विद्यालयों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है.
चारों श्रम कोड वापस लेने की मांग
सोहिला गुप्ता ने सरकार से चारों श्रम कोड वापस लेने और रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देने की मांग की. उन्होंने कहा कि रसोइयों को उनके श्रम के अनुरूप सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना चाहिए.
इसके साथ ही 12 महीने का मानदेय देने और हर माह नियमित रूप से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठायी गयी. रसोइयों ने कहा कि सालभर विद्यालयों में काम करने के बावजूद उन्हें नियमित मानदेय नहीं मिलता है.
मध्याह्न भोजन योजना से एनजीओ को बाहर रखने की मांग
संघ की ओर से मध्याह्न भोजन योजना से एनजीओ को बाहर रखने की भी मांग की गयी. रसोइयों का कहना था कि योजना का संचालन उनके माध्यम से होने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सुरक्षित रहेगा.
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में भोजन तैयार करने का काम लंबे समय से रसोइयों द्वारा किया जा रहा है. ऐसे में इस व्यवस्था से उन्हें हटाने या दूसरे माध्यम से संचालित करने के बजाय उनकी स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए.
मांगें नहीं मानी गयीं तो आंदोलन होगा तेज
जिला अध्यक्ष कुंती यादव ने कहा कि यदि रसोइयों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा. उन्होंने कहा कि रसोइयां अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेंगी.
जिला सचिव सुदर्शन यादव ने रसोइयों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को तेज करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान
विरोध मार्च के दौरान रसोइयों ने चारों श्रम कोड वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की गारंटी समेत छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया.
रसोइयों ने कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि वर्षों से विद्यालयों में काम कर रहीं रसोइयों को सम्मानजनक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके.
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