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एबीडीएम से जुड़ेंगे सभी निजी स्वास्थ्य संस्थान

Updated at : 21 Nov 2025 9:04 PM (IST)
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एबीडीएम से जुड़ेंगे सभी निजी स्वास्थ्य संस्थान

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को अनिवार्य रूप से जुड़ने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया है.विभाग का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने से चिकित्सा सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनेंगी.

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प्रतिनिधि,सीवान. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को अनिवार्य रूप से जुड़ने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया है.विभाग का कहना है कि इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने से चिकित्सा सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनेंगी. एबीडीएम का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आइडी एबीएचए नंबरप्रदान करना है. इस नंबर में मरीज के सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड, जैसे जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन, दवाओं की जानकारी और इलाज का इतिहास डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है. इसके बाद मरीज को अस्पताल जाते समय बार-बार रिपोर्ट या पर्ची ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.डॉक्टर को एक क्लिक में मरीज का पूरा चिकित्सा इतिहास मिल जायेगा, जिससे इलाज और अधिक सटीक और बेहतर होगा. कौन-कौन निजी संस्थान जुड़ेंगे स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एबीडीएम से निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब, रेडियोलॉजी सेंटर, फार्मेसी, दंत चिकित्सालय और फिजियोथेरेपी सेंटर जुड़ेंगे. सभी संस्थानों को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं. कैसे होगा पंजीकरण जुड़ने की प्रक्रिया सरल है.स्वास्थ्य पेशेवरों को पहले हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री पर पंजीकरण कर अपनी यूनिक एचपीआर आइडी बनानी होगी.वहीं अस्पताल, क्लिनिक, लैब और अन्य संस्थानों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री पर अपने संस्थान की जानकारी, लाइसेंस और स्टाफ विवरण अपलोड कर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी. पंजीकरण पूरा होने के बाद संस्थान एबीडीएम सिस्टम पर सक्रिय हो जायेंगे. सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने एबीडीएम को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार बताया. उन्होंने कहा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है. निजी स्वास्थ्य संस्थानों के जुड़ने से मरीजों को अधिक सुरक्षित, सरल और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी.डिजिटल रिकॉर्ड से दवा वितरण, प्रिस्क्रिप्शन और जांच की निगरानी मजबूत होगी, जिससे गलत इलाज और अनियमितताओं पर रोक लगेगी. उन्होंने आगे बताया कि विभाग लगातार निजी संस्थानों को जागरूक कर रहा है और जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है.स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एबीडीएम से देश में एक मजबूत, आधुनिक और एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार होगा, जिसका सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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