Sitamarhi : पंचायतों में नल-जल योजना का बुरा हाल, पेयजल के लिए चापाकल ही सहारा

Edited by DIGVIJAY SINGH
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खंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में नल-जल योजना का बुरा हाल है.

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Sitamarhi : रीगा. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में नल-जल योजना का बुरा हाल है. अधिकांश वार्डों में नल से जल की आपूर्ति ठप है. रीगा द्वितीय पंचायत में वार्ड संख्या चार व छह को छोड़ कर शेष एक से 19 वार्डों में पीएचडी विभाग द्वारा नल जल योजना संचालित किया गया, पर किसी भी वार्ड में पानी टंकी से जल की आपूर्ति नहीं हो रही है. पिपरा गांव के वार्ड नंबर दो व तीन में नल के पाइप में बकरी बांधी जाती है. स्थानीय आनंद किशोर व गुलाब सिंह ने बताया कि इस वार्ड में नल से पानी निकलते हुए कभी नहीं देखा गया है. पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रामवृक्ष मंडल बताया कि विभागीय लापरवाही के कारण ऐसा हो रहा है. अगर एक भी संवेदक पर कार्रवाई हुई होती तो शायद नल-जल योजना का यह हाल नहीं होता. विभागीय मंत्री नल-जल योजना की सफलता की दावा करते हैं, पर धरातल पर सच्चाई ठीक इसके विपरीत है. पीने की पानी के लिए सिर्फ चापाकल ही एकमात्र सहारा है. वार्ड सदस्य सत्येंद्र पासवान ने बताया कि यह कार्य पीएचइडी विभाग के अंतर्गत आता है. उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. वहीं, मुखिया प्रतिनिधि धीरज मंडल ने कहा कि इस वार्ड में नल-जल का संचालन पंचायत स्तर से नहीं होता है. वे इस संबंध में कुछ नहीं बता सकते हैं.

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